Samrat Chaudhary On Jobs: बिहार के युवाओं के लिए आज एक महत्वपूर्ण दिन रहा. राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य हर बिहारी को राज्य में ही रोजगार देना है. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में बिहार के युवा बाहर नौकरी की तलाश के लिए मजबूर नहीं होंगे, बल्कि वे यहीं पढ़ेंगे और यहीं काम करेंगे.
कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “ये मेरा प्रण है कि एक-एक बिहारी को बिहार में ही रोजगार दिलाऊंगा. हमारी सरकार ने एक करोड़ नई नौकरियों और रोजगार सृजन के लक्ष्य को निर्धारित किया है, जिसे अगले पांच साल के भीतर पूरा किया जाएगा.”
पटना के नेउरा में एबीसी कॉलेज ऑफ एजुकेशन के द्वारा आयोजित वार्षिक कार्यक्रम "गूंज" में बिहार की युवा तरुणाई से संवाद और भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) December 24, 2025
एनडीए सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है, युवाओं के लिए असीमित अवसर का भी सृजन जारी है।
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बिहार में रोजगार सृजन के लिए नया विभाग
सम्राट चौधरी ने बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार ने नौकरी और रोजगार के लिए एक अलग विभाग भी गठित किया है. यह विभाग विशेष रूप से बिहार के युवाओं के कौशल विकास, रोजगार के अवसरों का सृजन और रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी करेगा.
डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि बिहार में अब युवाओं को बाहर नहीं जाना पड़ेगा. राज्य में ही उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे. उन्होंने शिक्षा और कौशल विकास को बिहार में बदलाव की धुरी बताते हुए कहा कि युवाओं को इन क्षेत्रों में सक्रिय योगदान देना चाहिए.
कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण
सम्राट चौधरी ने कानून व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि राज्य में हाल ही में सफाई अभियान शुरू किया गया है और आगे एक-एक अपराधी को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा. उनका कहना था कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा.
उन्होंने विशेष रूप से दानापुर से इस अभियान की शुरुआत होने की जानकारी दी और कहा कि बिहार के लोग अच्छे और सुशासन में विश्वास रखते हैं. केवल कुछ लोग अपने कुकर्मों से राज्य की छवि खराब करते हैं, जबकि असली पहचान उन लोगों की है जो मेहनत और लगन से बिहार का नाम रोशन करते हैं.
बिहारियों का योगदान और शिक्षा में सुधार
उपमुख्यमंत्री ने बिहारियों के देशव्यापी योगदान को भी याद किया. उन्होंने कहा कि बिहारी देश के हर हिस्से में बसने की क्षमता रखते हैं. चाहे वह चंडीगढ़ हो या दिल्ली, बिहारी वहां अपनी मेहनत और प्रतिभा से पहचान बना चुके हैं. अब राज्य सरकार का लक्ष्य यह है कि बिहार को ऐसा विकसित किया जाए कि लोग मजबूरी में बाहर मजदूरी के लिए न जाएं.
शिक्षा और कौशल विकास को राज्य में बदलाव की नींव बताते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि पहले बिहार में महज छह मेडिकल कॉलेज और गिनती के इंजीनियरिंग कॉलेज थे. लेकिन आज हर जिले में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज बनाने का काम चल रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब मात्र दस रुपये फीस पर उपलब्ध कराई जा रही है. पॉलिटेक्निक कॉलेजों की संख्या 13 से बढ़कर 53 हो गई है, जिससे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है.
युवाओं के लिए संदेश
कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने बिहार के युवाओं से अपील की कि वे कॉलेज और अन्य शैक्षिक संस्थानों में मन लगाकर पढ़ें. उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर युवा बिहार के ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं. उनके प्रयास न केवल उन्हें व्यक्तिगत सफलता देंगे, बल्कि राज्य की विकास यात्रा में भी अहम योगदान साबित होंगे.
उपमुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम छुएगा और राज्य के युवा किसी भी मामले में पीछे नहीं रहेंगे. उनका मानना है कि हर बिहारी राज्य में रहकर, पढ़कर और काम करके अपने परिवार और समाज के लिए नया इतिहास रचेगा.
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