Shamli News: शामली जनपद की आदर्श मंडी थाना पुलिस ने कस्बा बनत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में हुई बड़ी चोरी की घटना का सफल अनावरण कर लिया है. इस मामले में पुलिस ने एक निजी तौर पर फिजियोथेरेपी क्लीनिक चलाने वाले युवक आसिफ और उसके साथी सचिन को गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया सरकारी सामान और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है. पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड्स के खर्च और शौक पूरे करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया था.
8 दिसंबर की रात हुई थी पीएचसी में चोरी
अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला ने प्रेस वार्ता में बताया कि 8 दिसंबर की रात अज्ञात चोरों ने पीएचसी बनत को निशाना बनाया था. चोर स्वास्थ्य केंद्र से जांच से जुड़ी कई अहम मशीनें और अन्य कीमती सामान चुरा ले गए थे.
चोरी गए सामान में मेडिकल जांच मशीन, बीपी मापने का उपकरण, एलईडी टीवी, इन्वर्टर और बैटरी, प्रिंटर सहित अन्य सामग्री शामिल थी. इस घटना को लेकर पीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट आदेश कुमार की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था.
100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के दौरान आसपास के इलाके में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. लगातार विश्लेषण के बाद संदिग्धों की पहचान की गई. पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मंगलवार को सेहटा फ्लाईओवर के पास से दो आरोपियों को दबोच लिया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
आसिफ, निवासी ग्राम भौराखुर्द, थाना भौराकलां, जिला मुजफ्फरनगर
सचिन, निवासी मोहल्ला विजयनगर, दिल्ली रोड, सदर बाजार, जिला सहारनपुर
गर्लफ्रेंड्स के शौक पूरे करने के लिए करता था चोरी
पूछताछ के दौरान आरोपी आसिफ ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उसने बताया कि वह गांव भाजू में निजी फिजियोथेरेपी क्लीनिक चलाता है और उसकी तीन गर्लफ्रेंड्स हैं. उनके खर्च और लग्जरी शौक पूरे करने के लिए वह अपने साथी सचिन के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था.
आसिफ ने स्वीकार किया कि 8 दिसंबर की रात पीएचसी बनत से चोरी किया गया सामान कार में भरकर पानीपत में बेचने की योजना थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
ऑनलाइन संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच
थाना प्रभारी बीनू चौधरी ने बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी आसिफ पिछले लगभग एक महीने से रोज सुबह ऑनलाइन संदिग्ध और अश्लील गतिविधियों से जुड़ी ट्रेनिंग ले रहा था. यह ट्रेनिंग कथित तौर पर 56 देशों के लोगों के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से होती थी. पुलिस को उसके मोबाइल फोन से कुछ वीडियो भी मिले हैं. इस पहलू की गहन जांच की जा रही है और साइबर एंगल से भी मामले को खंगाला जा रहा है.
खुद को डॉक्टर बताकर ऑपरेशन करने का दावा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आसिफ खुद को फिजियोथेरेपिस्ट बताकर पथरी समेत अन्य बीमारियों के ऑपरेशन करने का दावा करता था. उसने स्वीकार किया कि वह एक महीने में करीब चार ऑपरेशन करने की बात कहता था.
इसके अलावा, उसने यह भी कबूल किया है कि वह पिछले करीब दस महीनों से चोरी की वारदातों में शामिल रहा है. उसने किन-किन स्थानों पर चोरी की, इसकी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस रिकॉर्ड खंगाल रही है.
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