अब आपकी छत से मिलेगी टैक्सी! 15 मिनट में पूरा होगा 2 घंटे का सफर, क्या है 'एयर टैक्सी' का रोडमैप?

देश के बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम अब आम समस्या बन चुका है. रोज़ाना लोग घंटों सड़क पर फंसे रहते हैं. इसी परेशानी से राहत दिलाने के लिए अब सड़क के ऊपर, यानी आसमान के रास्ते सफर कराने की योजना पर काम शुरू हुआ है.

Roadmap of Air Taxi in Delhi NCR CII report relief from traffic
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

देश के बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम अब आम समस्या बन चुका है. रोज़ाना लोग घंटों सड़क पर फंसे रहते हैं. इसी परेशानी से राहत दिलाने के लिए अब सड़क के ऊपर, यानी आसमान के रास्ते सफर कराने की योजना पर काम शुरू हुआ है. उद्योग संगठन सीआईआई (Confederation of Indian Industry) ने फ्लाइंग टैक्सी यानी एयर टैक्सी को लेकर एक विस्तृत रोडमैप रिपोर्ट जारी की है.

2 घंटे का सफर 10–15 मिनट में

सीआईआई की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एयर कॉरिडोर बनाए जा सकते हैं. गुरुग्राम से कनॉट प्लेस और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे रूट पर करीब 4.7 किलोमीटर का एयर कॉरिडोर बनाने का सुझाव दिया गया है.

आज इस दूरी को तय करने में सड़क से 1 से 2 घंटे लग जाते हैं, लेकिन एयर टैक्सी से यही सफर सिर्फ 10 से 15 मिनट में पूरा हो सकता है.

कैसी होंगी एयर टैक्सी?

रिपोर्ट में बताया गया है कि एयर टैक्सी eVTOL तकनीक पर आधारित होंगी. यानी ये इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक ऑफ और लैंडिंग एयरक्राफ्ट होंगी.

ये छोटे इलेक्ट्रिक विमान होंगे जो हेलीकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उड़ान भर सकते हैं और सीधे उतर सकते हैं. इनमें 4 से 6 यात्री सफर कर सकेंगे. पूरी तरह इलेक्ट्रिक होने की वजह से ये प्रदूषण नहीं फैलाएंगी और शोर भी कम होगा.

छत से मिलेगी टैक्सी: वर्टीपोर्ट का प्लान

सीआईआई ने सुझाव दिया है कि एयर टैक्सी के लिए वर्टीपोर्ट बनाए जाएं. ये वर्टीपोर्ट इमारतों की छतों, मॉल, अस्पताल, टेक पार्क और ऊंची रिहायशी इमारतों पर बनाए जा सकते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक जमीन पर नए हेलीपैड बनाना महंगा और मुश्किल है, इसलिए रूफटॉप वर्टीपोर्ट ज्यादा आसान और व्यावहारिक विकल्प हो सकते हैं.

नियमों में बदलाव जरूरी

फिलहाल डीजीसीए के नियमों के तहत व्यावसायिक रूप से इमारतों की छत से टेक ऑफ और लैंडिंग की अनुमति नहीं है. इसलिए रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर टैक्सी के लिए नए सेफ्टी नियम और रेगुलेशन तैयार करने होंगे.

साथ ही शहरों के मास्टर प्लान में एयर कॉरिडोर को शामिल करने की भी सिफारिश की गई है.

फंडिंग के लिए पीपीपी मॉडल का सुझाव

सीआईआई ने सरकार, बैंकों और एसआईडीबीआई जैसी संस्थाओं से खास फंड और लोन स्कीम बनाने की सलाह दी है. रिपोर्ट में वर्टीपोर्ट और एयर कॉरिडोर बनाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि निजी कंपनियों की भागीदारी से यह सिस्टम जल्दी तैयार हो सके.

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