Republic Day Parade: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर इस बार देश एक ऐसा नज़ारा देखने जा रहा है, जो न सिर्फ सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगा बल्कि हालिया सैन्य इतिहास की एक निर्णायक कार्रवाई की याद भी दिलाएगा. भारतीय वायुसेना इस बार अपनी पारंपरिक फ्लाई-पास्ट को एक खास ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन के जरिए अंजाम देगी, जिसमें वे लड़ाकू विमान शामिल होंगे जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में निर्णायक भूमिका निभाई थी.
इस विशेष फॉर्मेशन को लेकर सामने आए स्केच ने लोगों की उत्सुकता और गर्व दोनों को बढ़ा दिया है. यह फॉर्मेशन भारतीय वायुसेना की रणनीतिक क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ उसकी सख्त नीति का प्रतीक माना जा रहा है.
‘सिंदूर’ फॉर्मेशन में फाइटर जेट होंगे शामिल
न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड के दौरान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन में आकाश में उड़ान भरेंगे. इस फॉर्मेशन में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और मिग-29 के दो-दो लड़ाकू विमान शामिल होंगे, जबकि इनके साथ एक जगुआर फाइटर जेट भी उड़ान भरेगा.
ये वही विमान हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक और प्रभावी हमले किए थे. वायुसेना का यह फ्लाई-पास्ट उन अभियानों की सफलता को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाएगा.
ऑपरेशन सिंदूर: कब और कैसे हुई थी कार्रवाई
भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई 2025 की दरमियानी रात को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी. इस सैन्य अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया. शुरुआती चरण में नौ अलग-अलग स्थानों पर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया.
इसके बाद 7 और 8 मई की रात को पाकिस्तान की ओर से उकसावे की कोशिश की गई, जिसके जवाब में भारत ने 10 मई तक जवाबी सैन्य कार्रवाई जारी रखी. इस दौरान पाकिस्तानी सेना और वायुसेना के कई अहम बेस नष्ट कर दिए गए.
क्यों शुरू किया गया था ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि 22 अप्रैल 2025 की उस भयावह आतंकी घटना से जुड़ी है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने धर्म पूछकर पर्यटकों पर हमला किया था. इस जघन्य वारदात में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक शामिल था.
इस हमले के बाद भारत ने यह स्पष्ट कर दिया था कि आतंकवाद के खिलाफ अब केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई की जाएगी. इसी संकल्प के तहत पाकिस्तान में छिपे आतंकियों और उनके सरगनाओं को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया.
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