Ram Mandir Pran Pratishtha: गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित भव्य प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राम दरबार के समक्ष पूजा-अर्चना कर श्रीराम के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की. रामलला के ऐतिहासिक मंदिर के प्रथम तल पर विराजमान राम दरबार में पूजा करते समय मुख्यमंत्री पूरी तरह भक्ति भाव में लीन नजर आए.
सीएम योगी ने वैदिक आचार्यों की उपस्थिति में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी के विग्रहों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए. मंदिर परिसर में गूंजते वैदिक मंत्रों और शंखध्वनि के बीच मुख्यमंत्री की यह पूजा, पूरे माहौल को अध्यात्म और श्रद्धा से भर गई.
यह पूजा प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य अनुष्ठान से ठीक पहले संपन्न हुई, जिसे 101 आचार्यों के नेतृत्व में अभिजीत मुहूर्त में सम्पन्न किया जाना था. यह क्षण न केवल धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अयोध्या के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में जुड़ गया.
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इस अवसर पर मंदिर परिसर में भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे और पूरे आयोजन की गरिमा को देखने के लिए देशभर की नजरें अयोध्या पर टिकी रहीं. मुख्यमंत्री योगी का यह श्रद्धामयी भाव, श्रीराम भक्तों के लिए आस्था और संकल्प का प्रतीक बन गया.
#WATCH अयोध्या | उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के प्रथम तल पर प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान से पहले राम दरबार के समक्ष पूजा-अर्चना की pic.twitter.com/tC62AFti4k
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 5, 2025
अभिजीत मुहूर्त में हुई प्रतिष्ठा
आज के आयोजन का मुख्य मुहूर्त दिन के 11:25 बजे से 11:40 बजे तक निर्धारित किया गया था. यह समय अभिजीत मुहूर्त कहलाता है, जिसे सभी शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. साथ ही आज का दिन सिद्ध योग में होने से यह आयोजन और भी पुण्यदायी बन गया है. प्राण प्रतिष्ठा के बाद सीता-राम, चारों भाई और बजरंगबली को आभूषण धारण कराए जाएंगे.
सुरक्षा और व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतज़ाम
अयोध्या प्रशासन, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट और सुरक्षा एजेंसियों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए समुचित तैयारियां कर ली हैं. सुरक्षा व्यवस्था मंदिर परिसर से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक पूरी तरह मुस्तैद है. गौरतलब है कि एक दिन पहले बुधवार को, भारत की 21 पवित्र नदियों के जल से राम दरबार सहित सभी देव विग्रहों का अभिषेक और मंडल परिक्रमा कराई गई थी.
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