नई दिल्ली: केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने आज शिलांग स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी (NEHU) केंद्र का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों से संवाद किया तथा केंद्र में उपलब्ध खेल अवसंरचना और प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की. अपने दौरे के दौरान रक्षा खडसे ने विभिन्न खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण मैदानों का निरीक्षण किया तथा अलग-अलग खेल विधाओं में खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण का जायजा लिया. उन्होंने कोचों और युवा खिलाड़ियों से विस्तार से बातचीत करते हुए उन्हें अनुशासन, दृढ़ संकल्प और समर्पण के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रेरित किया.
मंत्री ने दौरे के दौरान विभिन्न खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी की. उन्होंने भारतीय राउंड आर्चरी में हाथ आजमाया और खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल भी खेला. इससे खेलों में सहभागिता और जमीनी स्तर पर जुड़ाव के महत्व को रेखांकित किया गया. रक्षा खडसे ने कहा कि खेल आत्मविश्वासी, अनुशासित और मजबूत युवाओं के निर्माण में परिवर्तनकारी भूमिका निभाते हैं. साथ ही यह सामाजिक विकास और राष्ट्रीय प्रगति का एक प्रभावी माध्यम भी हैं.
उन्होंने कहा, “पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं और यहां खेल संस्कृति भी बेहद मजबूत है. यह आवश्यक है कि हम खेल अवसंरचना, कोचिंग सहायता और खिलाड़ियों के विकास के अवसरों को लगातार मजबूत करें, ताकि इस क्षेत्र के अधिक से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें.”
SAI-NEHU शिलांग केंद्र की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए रक्षा खडसे ने कहा कि यह संस्थान एलीट खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण उच्च-ऊंचाई प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित होने की बड़ी क्षमता रखता है. उन्होंने कहा, “प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और अनुकूल मौसम के कारण यह केंद्र एलीट खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त है. निरंतर विकास और सहयोग के साथ SAI-NEHU शिलांग राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी करने वाले खिलाड़ियों के लिए एक प्रमुख उच्च-ऊंचाई प्रशिक्षण केंद्र बन सकता है.”
रक्षा खडसे ने आगे कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस और प्रतिस्पर्धात्मक उत्कृष्टता को ही बढ़ावा नहीं देते, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सकारात्मक सामाजिक सहभागिता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. इस अवसर पर भारतीय खेल प्राधिकरण के सहायक निदेशक रजनीश मिश्रा, मेघालय ओलंपिक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष जॉन खारशिंग सहित अन्य अधिकारी, कोच और सहयोगी स्टाफ भी उपस्थित रहे. यह दौरा पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेल अवसंरचना, खिलाड़ियों के सहयोग तंत्र और जमीनी स्तर पर खेल विकास को मजबूत करने के मंत्रालय के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है.
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