जयपुर: राजस्थान विधानसभा को अब एक नया रूप मिलने जा रहा है. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जानकारी दी है कि विधानसभा परिसर में एक नया केंद्रीय हॉल तैयार किया जाएगा, जो देश की संसद के केंद्रीय हॉल की तर्ज पर होगा. इस केंद्रीय हॉल में महापुरुषों की 3डी तस्वीरों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण पेंटिंग्स भी लगाई जाएंगी. यह हॉल विधानसभा भवन के पंचम तल पर बनेगा और इस परिसर में कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
सेंट्रल हॉल का महत्व और उपयोग
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि यह केंद्रीय हॉल कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उपयोग किया जाएगा. हॉल में महापुरुषों के 3डी चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनसे भारतीय इतिहास और संस्कृति की महानता को प्रदर्शित किया जा सके. इसके अतिरिक्त, कला, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व की पेंटिंग्स को भी यहां सजाया जाएगा. यह हॉल केवल एक प्रदर्शनी स्थल नहीं होगा, बल्कि विधायकों, विभागीय अधिकारियों और अतिथियों के लिए चर्चा और जलपान के लिए भी उपयोगी होगा.
इसके अलावा, यह हॉल युवा संसद, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ द्वारा आयोजित कार्यशालाओं, सेमिनारों, बैठक और संगोष्ठियों के आयोजन स्थल के रूप में भी काम करेगा. भविष्य में यदि राज्य में विधान परिषद का गठन होता है, तो यह हॉल उस उपयोग के लिए भी प्रभावी साबित होगा.
निर्माण कार्य के लिए दी गई समयसीमा
इस केंद्रीय हॉल के निर्माण को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से तेजी से कार्यवाही करने को कहा है. उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि इस हॉल का निर्माण कम से कम लागत में और उच्चतम मानकों के अनुसार किया जाए. इसके लिए अधिकारियों को एक वर्ष की अवधि दी गई है, जिसमें यह हॉल तैयार करना होगा. बैठक में विधानसभा और पीएचडी विभाग के अधिकारियों ने इस परियोजना की तैयारी को लेकर चर्चा की.
सेंट्रल हॉल का आकर्षण और भविष्योन्मुखी उद्देश्य
राजस्थान विधानसभा का यह नया केंद्रीय हॉल केवल एक भव्य निर्माण नहीं होगा, बल्कि यह राजस्थान के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को प्रदर्शित करने का एक माध्यम बनेगा. हॉल में लगने वाली पेंटिंग्स और 3डी चित्रों से भारतीय महापुरुषों की छवि को नया जीवन मिलेगा, वहीं यह हॉल विधानसभा के कार्यों, सेमिनारों और शैक्षिक कार्यक्रमों के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थल बनेगा.
ये भी पढ़ें: शादी के बंधन में बंधे कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय, हरियाणा की शिप्रा शर्मा संग लिए सात फेरे