American Attack On Iran: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई समय-सीमा खत्म होने से पहले ही संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के कई अहम ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं. इन हमलों का असर अब सीधे आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ने लगा है. मध्य ईरान के काशान शहर के पास याह्याबाद रेलवे ब्रिज को निशाना बनाया गया. इस हमले में कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल बताए जा रहे हैं.
इसके अलावा तेहरान के दक्षिण में कोम शहर के पास और उत्तर-पश्चिमी इलाके में तब्रीज-जंजन हाईवे पर बने पुल पर भी हमले किए गए. कजविन शहर में रेलवे नेटवर्क को नुकसान पहुंचने की खबर है, जिससे आवाजाही प्रभावित हो गई है. लगातार हो रहे हमलों से देश के कई हिस्सों में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है.
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— Tehran Times (@TehranTimes79) April 7, 2026
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कई शहरों में ब्लैकआउट, ट्रेन सेवाएं बंद
हमलों के बाद ईरान के कई शहरों में बिजली गुल हो गई है. हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि मशहद जैसे बड़े शहर से ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं. स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि अगली सूचना तक ट्रेनें नहीं चलेंगी और यात्रियों के लिए सड़क मार्ग से यात्रा का विकल्प दिया गया है.
इससे पहले इजराइल ने लोगों को चेतावनी दी थी कि वे रेलवे लाइनों और ट्रेनों से दूर रहें, क्योंकि ये हमलों का निशाना बन सकते हैं. इस चेतावनी के बाद लोगों में और डर फैल गया.
खार्ग आइलैंड पर हमला
सबसे बड़ी खबर ईरान के अहम तेल केंद्र खर्ग द्वीप से आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां भी जोरदार धमाके हुए हैं. आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों ने तेज आवाजें सुनीं, जिससे यह साफ है कि हमला काफी बड़ा था. हालांकि अभी तक यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है कि नुकसान कितना हुआ है, लेकिन इस हमले को बहुत गंभीर माना जा रहा है.
The U.S. military conducted strikes on military targets on Kharg island, U.S. official says
— Barak Ravid (@BarakRavid) April 7, 2026
क्यों अहम है खार्ग आइलैंड?
खार्ग आइलैंड ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यहां से देश का ज्यादातर कच्चा तेल दुनिया भर में भेजा जाता है. अगर इस जगह को नुकसान पहुंचता है, तो इसका सीधा असर ईरान की कमाई पर पड़ेगा. तेल निर्यात कम होने से सरकार के लिए सैन्य और घरेलू खर्च संभालना मुश्किल हो सकता है. यही वजह है कि इस हमले को बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.
ईरान की कड़ी चेतावनी
इन हमलों के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अब उनका धैर्य खत्म हो चुका है और वे अमेरिका के खिलाफ बड़े कदम उठा सकते हैं.
IRGC का कहना है कि अब उनकी कार्रवाई सिर्फ क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर वे बाहर भी जवाब दे सकते हैं. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने उनकी ‘रेड लाइन’ पार की, तो जवाब और ज्यादा सख्त होगा.
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