बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में पहुंचीं पीवी सिंधु, वर्ल्ड नंबर-2 वांग झी को हराया

भारत की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने एक बार फिर अपने अनुभव और क्लास का प्रदर्शन करते हुए BWF बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है.

PV Sindhu reached the quarterfinals of the Badminton World Championship
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

नई दिल्ली/कोपेनहेगन: भारत की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने एक बार फिर अपने अनुभव और क्लास का प्रदर्शन करते हुए BWF बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है. महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में उन्होंने दुनिया की दूसरी नंबर की खिलाड़ी चीन की वांग झी यी को सीधे सेटों में हराकर शानदार जीत दर्ज की. सिंधु की इस जीत ने भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों को एक बार फिर उत्साहित कर दिया है, जो उन्हें तीसरी बार इस प्रतिष्ठित खिताब के लिए प्रबल दावेदार के रूप में देख रहे हैं.

सिंधु की जबरदस्त जीत, वांग झी को दी मात

बैडमिंटन की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम, पीवी सिंधु ने वर्ल्ड नंबर-2 वांग झी यी को जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता से हराया, वह काबिल-ए-तारीफ है. मैच की शुरुआत में ही वांग ने दमदार रैलीज़ के साथ मुकाबले में पकड़ बनाने की कोशिश की, लेकिन सिंधु ने अपने अनुभव का बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए उन्हें गलती करने पर मजबूर कर दिया.

पहला गेम बेहद कड़ा रहा और दोनों खिलाड़ी एक-एक अंक के लिए संघर्ष करती रहीं.
सिंधु ने पहला गेम 21-19 से अपने नाम किया.

दूसरे गेम में सिंधु ने शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा. उन्होंने स्कोर 12-6 तक पहुंचाया और फिर अपनी बढ़त को लगातार मजबूत करते हुए गेम को 21-15 से जीतकर मैच भी अपने नाम कर लिया.

इस जीत के साथ ही सिंधु ने वांग के खिलाफ अपने हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में तीसरी जीत दर्ज की है. दोनों के बीच यह पांचवीं भिड़ंत थी. क्वार्टर फाइनल में सिंधु का सामना अब वर्ल्ड नंबर-1 दक्षिण कोरिया की आन से यंग से हो सकता है, जो इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं.

ध्रुव कपिला और तनिषा कृष्टो की जोड़ी का कमाल

भारतीय मिक्स्ड डबल्स की नई उम्मीद, ध्रुव कपिला और तनिषा कृष्टो की जोड़ी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है. यह मुकाबला आसान नहीं था, क्योंकि सामने थी वर्ल्ड नंबर-2 हॉन्गकॉन्ग की तांग चुन मैन और से यिंग सुत की जोड़ी, जो अनुभव और तालमेल में कहीं आगे मानी जाती है.

  • पहले गेम में भारतीय जोड़ी थोड़ी दबाव में दिखी और 21-19 से गेम गंवा बैठी.
  • लेकिन दूसरे गेम में उन्होंने शानदार वापसी की, बेहतरीन नेट प्ले और कोर्ट कवरेज के साथ 21-12 से गेम जीत लिया.
  • निर्णायक गेम में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही, लेकिन ध्रुव और तनिषा ने संयम और गति बनाए रखते हुए 21-15 से जीत हासिल कर ली.

इस जीत से साफ है कि भारतीय मिक्स्ड डबल्स अब केवल एशियाई स्तर तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह विश्व मंच पर भी अपना दमखम दिखाने लगी है.

मेंस सिंगल्स में भारत की चुनौती समाप्त

वहीं दूसरी ओर मेंस सिंगल्स में भारत को निराशा हाथ लगी. देश के टॉप शटलर एचएस प्रणय को राउंड ऑफ 32 में डेनमार्क के आंद्रेस एंटोनसेन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. यह मुकाबला तीन गेम तक चला और प्रणय ने अपनी ओर से पूरी कोशिश की, लेकिन अंत में वह मुकाबला हार गए.

  • पहला गेम प्रणय के लिए बेहद कठिन रहा, जहां एंटोनसेन ने उन्हें पूरी तरह से मात दी और 21-7 से जीत हासिल की.
  • दूसरे गेम में प्रणय ने आक्रामक वापसी की और 21-17 से गेम अपने नाम किया.
  • तीसरे और निर्णायक गेम में मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया. दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक को लेकर संघर्ष होता रहा और स्कोर 21-21 तक पहुंच गया.
  • हालांकि, एंटोनसेन ने अंतिम क्षणों में आक्रामक रैलियों के जरिए बढ़त बनाई और 23-21 से गेम और मैच जीत लिया.

प्रणय से पहले ही लक्ष्य सेन राउंड ऑफ 64 में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो चुके थे. उन्हें दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी. इससे मेंस सिंगल्स में भारतीय अभियान पूरी तरह समाप्त हो गया है.

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