Putin Greater Russia Plan: हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर अपने युद्ध के मूल उद्देश्य नहीं बदले हैं. रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन का लक्ष्य पूरी तरह से यूक्रेन पर कब्जा करना और पूर्व सोवियत संघ के हिस्सों को वापस रूस में शामिल करना है. यह जानकारी छह अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने साझा की है.
रिपोर्ट्स में यह भी उल्लेख है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके शांति वार्ताकार इस मामले में अलग दृष्टिकोण रखते हैं. ट्रंप की टीम का मानना है कि पुतिन युद्ध समाप्त करना चाहते हैं, जबकि अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों का निष्कर्ष यह है कि पुतिन के इरादे वही हैं, जो उन्होंने 2022 में पूर्ण आक्रमण शुरू करते समय तय किए थे. सबसे ताजा रिपोर्ट सितंबर 2025 के अंत की है.
यूरोपीय नेताओं और उनकी खुफिया एजेंसियों का भी यही मानना है कि पुतिन पूरी तरह से यूक्रेन और पूर्व सोवियत देशों के क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं. अमेरिकी हाउस इंटेलिजेंस कमिटी के सदस्य माइक क्विग्ली का कहना है कि खुफिया जानकारी हमेशा यही दिखाती रही है कि पुतिन और अधिक चाहता है, और यूरोपीय नेताओं में इसके प्रति पूरा विश्वास है.
रूस के कब्जे में क्षेत्र
वर्तमान में रूस यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जा कर चुका है. इसमें लुहांस्क और दोनेत्स्क प्रांत का बड़ा हिस्सा, जापोरिज्जिया और खेरसॉन के कुछ हिस्से और क्रीमिया शामिल हैं. पुतिन इन सभी क्षेत्रों को रूस का हिस्सा मानते हैं. इस साल रूसी सेना ने करीब 6,000 वर्ग किलोमीटर नए क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित किया है.
शांति वार्ता की स्थिति
इस बीच, अमेरिकी टीम 20-पॉइंट शांति योजना पर काम कर रही है. ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और रियल एस्टेट डेवलपर स्टीव विटकॉफ यूक्रेन, रूस और यूरोपीय अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं. बर्लिन में हुई बैठक में अमेरिकी, यूक्रेनी और यूरोपीय वार्ताकारों ने यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी पर सहमति बनाने की कोशिश की है.
वार्ता में मुख्य बिंदु यूरोपीय सुरक्षा बलों की तैनाती, यूक्रेन की सेना की सीमा, अमेरिका से खुफिया और अन्य सहायता, और अमेरिकी सीनेट से मंजूरी से जुड़ा है. कुछ सूत्रों के अनुसार यह सुरक्षा गारंटी यूक्रेन के कुछ क्षेत्रों को छोड़ने पर निर्भर हो सकती है, लेकिन अन्य विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी क्षेत्र को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं और सुरक्षा गारंटी के असली प्रभावों के बारे में सवाल उठाया है.
दबाव और विवाद
ट्रंप की टीम दबाव डाल रही है कि यूक्रेन अपनी सेना को दोनेत्स्क के छोटे हिस्से से हटाए, लेकिन जेलेंस्की और उनकी सरकार इसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं. पुतिन ने हाल ही में कहा कि वे शांति वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन किसी भी समझौते पर अभी तक सहमति नहीं बनी है. उन्होंने विदेशी सैनिकों की यूक्रेन में तैनाती का भी विरोध किया.
अधिकारियों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप की टीम युद्ध को समाप्त करने की दिशा में प्रगति कर रही है. अमेरिकी खुफिया निदेशक तुलसी गब्बार्ड ने कहा कि रूस बड़े युद्ध की संभावना नहीं चाहता और यूक्रेन पर पूरी तरह कब्जा करने की क्षमता नहीं रखता.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि पुतिन ने खुले तौर पर कहा था कि युद्ध शुरू होने पर उनके लक्ष्य क्या थे, और अब तक वे हासिल नहीं हुए. रूस की ओर से क्रेमलिन प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह गलत और असत्य है.
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