पुतिन को लगा बड़ा झटका! रूस के सीनियर मिलिट्री अफसर की कार बम धमाके में मौत, यूक्रेन की भूमिका पर जांच जारी

Russia General Moscow Car Explosion: सोमवार सुबह मॉस्को में रूस के सशस्त्र बलों के एक उच्चस्तरीय अधिकारी की कार बम धमाके में मौत हो गई. मृतक का नाम लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव है, जो रूसी जनरल स्टाफ के ऑपरेशनल ट्रेनिंग डायरेक्टोरेट के प्रमुख थे.

Putin Senior Russian military officer dies in car bomb blast investigation continues Ukraine role
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Russia General Moscow Car Explosion: सोमवार सुबह मॉस्को में रूस के सशस्त्र बलों के एक उच्चस्तरीय अधिकारी की कार बम धमाके में मौत हो गई. मृतक का नाम लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव है, जो रूसी जनरल स्टाफ के ऑपरेशनल ट्रेनिंग डायरेक्टोरेट के प्रमुख थे. अधिकारियों का कहना है कि धमाके के पीछे यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों की संलिप्तता हो सकती है.

रूस की टॉप क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको ने बताया कि यह हमला बहुत संगठित तरीके से किया गया और जांचकर्ता इसे कई एंगल से देख रहे हैं. उनमें एक संभावना यह भी शामिल है कि यह हमला यूक्रेनी सुरक्षा एजेंसियों की योजना का हिस्सा हो सकता है.

पुतिन को जानकारी, करियर और सैन्य अनुभव

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को घटना की जानकारी दे दी गई है. सरवारोव को पुतिन के करीबी अफसरों में गिना जाता था. रूसी रक्षा मंत्रालय ने बयान में बताया कि जनरल सरवारोव ने चेचन्या में लड़ाई में हिस्सा लिया और सीरिया में मॉस्को के सैन्य अभियान में भी उनका योगदान रहा.

पिछले सालों में वरिष्ठ अधिकारियों पर हमले

यह घटना एक साल के अंदर रूस के किसी सीनियर मिलिट्री ऑफिसर की तीसरी हत्या है. हाल के महीनों में रूस में कई वरिष्ठ सैन्य अफसरों के वाहन बम धमाकों का निशाना बने हैं. इनमें शामिल हैं:

  • जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक- इस साल अप्रैल में कार ब्लास्ट में मारे गए.
  • इगोर किरिलोव- दिसंबर 2024 में मॉस्को में बम लगे इलेक्ट्रिक स्कूटर में धमाके से मारे गए.
  • मैक्सिम फोमिन- अप्रैल 2023 में सेंट पीटर्सबर्ग के कैफे में धमाके में मारे गए.
  • डारिया डुगिना- अगस्त 2022 में कार बम धमाके में जान गंवाई.

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद मॉस्को में बढ़े हमले

फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से मॉस्को में कई वरिष्ठ रूसी अधिकारियों और क्रेमलिन समर्थकों को निशाना बनाया गया. रूस की ओर से ऐसे हमलों के लिए अक्सर यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है.

विशेष रूप से देखा जाए तो इन हमलों में सिस्टमेटिक टारगेटिंग की रणनीति दिखाई देती है. इनमें वाहन, सार्वजनिक जगहें और निजी उपकरणों को हथियारबंद किया गया, जिससे सुरक्षा के उच्चतम स्तर के बावजूद भी अधिकारी प्रभावित हुए.

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