पंजाब के बटाला में एक युवक की मौत को पहले सड़क हादसा माना गया, लेकिन 71 दिन बाद आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले का सच सामने ला दिया. पुलिस जांच में पता चला कि यह हादसा नहीं, बल्कि पहले से रची गई हत्या की साजिश थी. इस मामले में लिव-इन पार्टनर रेखा, उसके प्रेमी और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
13 मई की सुबह बटाला के गांव गिल्लावाली के पास जीटी रोड पर एक ग्रे रंग की मारुति कार खड़ी मिली. कार की ड्राइविंग सीट पर पिंका सिंह का शव पड़ा था. शुरुआत में सभी को लगा कि यह सड़क हादसा है.
मौके पर मौजूद रेखा, जो पिंका के साथ लिव-इन में रहती थी, जल्द से जल्द पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार कराने की बात कह रही थी. लेकिन पिंका के परिवार को इस मौत पर शुरू से ही शक था.
पति को छोड़कर पिंका के साथ रहने लगी थी रेखा
पुलिस जांच में सामने आया कि रेखा की शादी पहले जतिंदर मसीह से हुई थी. दोनों के दो बच्चे भी हैं. जतिंदर मेलों में दुकान लगाने का काम करता था.
इसी दौरान रेखा की मुलाकात जतिंदर के दोस्त पिंका सिंह से हुई. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और साल 2020 में रेखा अपने पति और परिवार को छोड़कर पिंका के साथ बटाला में किराए के मकान में लिव-इन में रहने लगी.
फिर एक और युवक से हुआ प्रेम
करीब छह महीने पहले रेखा की मुलाकात चांद नाम के युवक से हुई. दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए. बताया गया कि पिंका ने कई बार दोनों को साथ देखा था, लेकिन रिश्ता बचाने की उम्मीद में उसने कोई बड़ा कदम नहीं उठाया.
उधर, चांद चाहता था कि पिंका उसके रास्ते से हट जाए. धीरे-धीरे उसने रेखा पर भी दबाव बनाना शुरू कर दिया. पुलिस के अनुसार, बाद में रेखा भी इस साजिश में शामिल हो गई.
परिवार को पहले ही था अनहोनी का डर
पिंका सिंह को अपनी जान का खतरा महसूस होने लगा था. उसने अपने भाई, पिता और अन्य रिश्तेदारों से कहा था कि अगर उसके साथ कभी कुछ होता है, तो इसके लिए रेखा और चांद जिम्मेदार होंगे.
ऐसे रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक, 12 मई की सुबह पिंका दुकान लगाने के लिए निकला था. उसने अपनी लोकेशन रेखा को बताई. आरोप है कि रेखा ने वही जानकारी तुरंत चांद और उसके साथियों तक पहुंचा दी.
गांव गिल्लावाली के पास सुनसान जगह पर चांद, सोना मसीह, गुरप्रीत सिंह और नवजोत सिंह ने पिंका की कार रोक ली. इसके बाद लोहे की रॉड से उसके सिर पर कई वार किए गए, जिससे उसकी मौत हो गई.
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ड्राइविंग सीट पर बैठा दिया और कार को इस तरह नुकसान पहुंचाया कि मामला सड़क हादसा लगे. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के लिए 40 हजार रुपये में सौदा हुआ था, जिसमें 20 हजार रुपये पहले ही दिए जा चुके थे.
71 दिन बाद रिपोर्ट ने खोल दिया पूरा राज
घटना के बाद रेखा जल्द अंतिम संस्कार कराने की कोशिश कर रही थी. वहीं, पिंका के परिवार का कहना था कि मौत के बाद रेखा उनसे हर महीने खर्चे के लिए पैसे भी मांग रही थी, जिससे उनका शक और बढ़ गया.
करीब 71 दिन बाद पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आई. रिपोर्ट में साफ हुआ कि पिंका की मौत सड़क हादसे में नहीं हुई थी. डॉक्टरों ने बताया कि उसके सिर पर किसी भारी चीज से जोरदार वार किया गया था, जिससे उसकी जान गई.
सभी आरोपी गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल, तकनीकी सबूत और जांच के आधार पर रेखा, उसके प्रेमी चांद, सोना मसीह, गुरप्रीत सिंह और नवजोत सिंह को गिरफ्तार कर लिया. सभी आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत जेल भेज दिया गया है.