PSL: पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) 2026 को लेकर लगातार मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. पहले कई विदेशी खिलाड़ियों ने अन्य कारणों से दूरी बनाई और अब बांग्लादेश के खिलाड़ियों की भागीदारी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
बांग्लादेश सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अगर सुरक्षा को लेकर कोई भी संदेह बना रहता है, तो उनके खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे.
सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
बांग्लादेश के युवा और खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने स्पष्ट कहा है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी निर्णय से पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से पूरी जानकारी लेगी. अगर सुरक्षा को लेकर जरा भी चिंता हुई, तो खिलाड़ियों को पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
बीसीबी की रिपोर्ट का इंतजार
अमीनुल हक ने बताया कि अंतिम फैसला लेने से पहले सरकार बीसीबी की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
उनके मुताबिक, अगर बोर्ड यह भरोसा दिलाता है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित है, तो सरकार भी उन्हें खेलने की अनुमति दे सकती है.
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ी क्या चाहते हैं, इस बात को भी ध्यान में रखा जाएगा.
बिना दर्शकों के होंगे मुकाबले
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पीएसएल 2026 के संशोधित शेड्यूल का ऐलान किया है.
नई योजना के तहत सभी मैच सिर्फ कराची और लाहौर में आयोजित किए जाएंगे और सुरक्षा कारणों से मुकाबले बिना दर्शकों के खेले जाएंगे.
इस फैसले से साफ है कि टूर्नामेंट पर सुरक्षा का दबाव लगातार बना हुआ है.
पहले ही हट चुके हैं कई खिलाड़ी
पीएसएल 2026 से पहले ही कई विदेशी खिलाड़ी अलग-अलग कारणों से अपना नाम वापस ले चुके हैं. इससे टूर्नामेंट की तैयारियों पर असर पड़ा है और अब बांग्लादेशी खिलाड़ियों के संभावित हटने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है.
किन खिलाड़ियों पर टिकी नजर?
बांग्लादेश के छह खिलाड़ियों को पीएसएल में खेलने के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) मिल चुका है. इनमें मुस्तफिजुर रहमान, परवेज हुसैन इमन, शोरीफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन शामिल हैं.
हालांकि, अब इन खिलाड़ियों की भागीदारी पूरी तरह से सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी.
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