नई दिल्ली: 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए न केवल देशवासियों को शुभकामनाएं दीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक आदर्शों और समावेशी विकास की दिशा में भारत की यात्रा पर भी गहन चिंतन प्रस्तुत किया. यह संबोधन केवल एक औपचारिक परंपरा नहीं था, बल्कि एक सशक्त और प्रेरणादायी वक्तव्य था, जो देश के हर नागरिक को अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों की याद दिलाता है.
यह राष्ट्रपति मुर्मू का बतौर राष्ट्रपति चौथा स्वतंत्रता दिवस संबोधन था. उन्होंने इस अवसर को एक ऐसा मंच बनाया, जिससे भारत की आत्मा, उसकी लोकतांत्रिक परंपराएं, सामाजिक चेतना और आर्थिक आकांक्षाएं एक साथ स्वरबद्ध हुईं.
भारतीय के 'राष्ट्रीय गौरव' का उत्सव
अपने संबोधन की शुरुआत में राष्ट्रपति ने भारत के स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस को 'राष्ट्रीय गौरव' का उत्सव बताया. उन्होंने कहा कि यह दिन केवल ऐतिहासिक महत्व के नहीं हैं, बल्कि आत्म-चिंतन, पुनः समर्पण और गर्व की भावना से ओतप्रोत होते हैं.
राष्ट्रपति ने कहा, "हर बार जब हम तिरंगे को लहराता देखते हैं, तो हमारे दिल में उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों की यादें ताजा हो जाती हैं, जिन्होंने हमारे आज के लिए अपने कल को कुर्बान कर दिया."
कश्मीर घाटी को रेल से जोड़ना: ऐतिहासिक उपलब्धि
राष्ट्रपति मुर्मू ने विशेष रूप से कश्मीर घाटी में पहली बार रेल संपर्क स्थापित होने को एक ऐतिहासिक घटना करार दिया. उन्होंने कहा कि यह न केवल इंजीनियरिंग कौशल का एक चमत्कार है, बल्कि राष्ट्रीय एकता की दिशा में एक मजबूत कदम भी है.
LIVE: President Droupadi Murmu's address to the nation on the eve of the 79th Independence Day https://t.co/AiBSvUP5La
— President of India (@rashtrapatibhvn) August 14, 2025
रेल संपर्क अब कश्मीर को न केवल भौगोलिक रूप से, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी भारत की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करेगा. इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार को जबरदस्त गति मिलेगी.
जनकल्याण की नीतियों में प्राथमिकता
राष्ट्रपति ने 'जल जीवन मिशन' को ग्रामीण भारत में सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा प्रयास बताया. उन्होंने कहा कि अब भारत में यह सोच स्थापित हो चुकी है कि स्वच्छ पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी बुनियादी सेवाएं नागरिकों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि अधिकार हैं.
उन्होंने कहा, "हर गांव, हर घर तक नल से जल पहुंचे, यह केवल एक प्रशासनिक लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह मानव गरिमा की रक्षा से जुड़ा एक संकल्प है"
गरीब कल्याण के लिए सतत प्रया
राष्ट्रपति मुर्मू ने गरीबी के खिलाफ संघर्ष को सरकार की नीति की रीढ़ बताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल गरीबी रेखा से ऊपर उठाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कोई दोबारा उस रेखा के नीचे न गिरे.
वर्तमान सरकार की योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना आदि, केवल राहत की नहीं, बल्कि सशक्तिकरण की योजनाएं हैं.
भारत की अर्थव्यवस्था: स्थिरता और प्रगति
2024-25 में 6.5% की GDP वृद्धि दर के साथ भारत एक बार फिर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है. राष्ट्रपति ने बताया कि यह उपलब्धि उस समय हासिल हुई है जब दुनिया अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संकटों से जूझ रही है.
और वित्तीय अनुशासन इन सभी ने भारत को आर्थिक दृष्टि से स्थायित्व प्रदान किया है. यह प्रगति केवल आंकड़ों में नहीं है, यह बदलाव भारत के गांवों, गलियों और घरों में झलकता है.
संविधान के चार स्तंभ: लोकतंत्र की आत्मा
राष्ट्रपति ने भारत के लोकतंत्र की आत्मा को चार बुनियादी सिद्धांतों न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता से जोड़ा. उन्होंने कहा कि यह मूल्य केवल संविधान की किताब में नहीं हैं, बल्कि यह भारत की आत्मा और संस्कृति का हिस्सा हैं.
उन्होंने कहा, "हमारे संविधान की यही विशेषता है कि वह एक जीवंत दस्तावेज है, जो परंपरा और परिवर्तन दोनों को समाहित करता है."
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
14 अगस्त को मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर राष्ट्रपति ने उस भयावह दौर को याद किया जब भारत के विभाजन के दौरान लाखों लोगों ने अपने घर, परिवार और जीवन गंवाया.
उन्होंने कहा कि, "हम आज केवल उन्हें याद नहीं करते, हम उनके संघर्ष और पीड़ा से यह संकल्प भी लेते हैं कि ऐसी त्रासदी फिर कभी ना दोहराई जाए."
भारत: लोकतंत्र की जननी
अपने संबोधन में एक बेहद प्रेरक पंक्ति में राष्ट्रपति ने कहा कि “भारत लोकतंत्र की जननी है.” उन्होंने इस बात को दोहराया कि भारत में गणराज्य और लोकतांत्रिक संस्थाओं की परंपरा हजारों वर्षों पुरानी है.
आज जब दुनिया लोकतंत्र की चुनौतियों से गुजर रही है, भारत एक मजबूत, जीवंत और उत्तरदायी लोकतंत्र के रूप में उदाहरण पेश कर रहा है.
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