गाजियाबाद: गाजियाबाद के इंदिरापुरम में रविवार को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यशोदा मेडिसिटी अस्पताल का उद्घाटन किया, जो अब 1200 बेड के साथ जनता को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करेगा. अस्पताल के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल भी उपस्थित रहीं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अस्पताल के उद्घाटन के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा राष्ट्रीय विकास का अभिन्न अंग है और किसी भी नागरिक को प्रभावी चिकित्सा सेवाओं से वंचित नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सेवा देकर चिकित्सा पेशे से जुड़े लोग राष्ट्र की भी सेवा कर रहे हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मैं आप सभी की प्रतिबद्धता की सराहना करती हूं. मुझे यह जानकर खुशी हुई कि यशोदा अस्पताल राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के अनुरूप ईमानदारी से काम कर रहा है.
"स्वास्थ्य सेवा राष्ट्रीय विकास का एक अभिन्न अंग"
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा राष्ट्रीय विकास का एक अभिन्न अंग है. लोगों को बीमारियों से बचाना और उनके स्वास्थ्य मानकों में सुधार लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, जो देश भर में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और चिकित्सा सेवाओं का निरंतर विस्तार कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि ये प्रयास एक स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के हर कोने में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने में स्वास्थ्य सेवा पहुंचनी चाहिए. चिकित्सक समेत सभी हितधारकों को इस बारे में विचार विमर्श करना चाहिए. उन्होंने कहा, किसी भी नागरिक को प्रभावी चिकित्सा सेवाओं से वंचित नहीं होना चाहिए. अच्छे निजी संस्थान इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
राष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोग भी देश के विकास में योगदान देते हैं, इसलिए उनका जीवन भी अनमोल है और उन्हें भी पूर्ण सहयोग और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच मिलनी चाहिए. द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मेरा मानना है कि स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी चिकित्सा संस्थानों की प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ‘सिस्टम फॉर टीबी एलिमिनेशन इन प्राइवेट सेक्टर (स्टेप्स) के तहत उत्तर भारत का पहला केंद्र यशोदा मेडिसिटी को बनाया गया है. यशोदा अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉक्टर पीएन अरोड़ा द्वारा अपनी मां के नाम पर यशोदा मेडिसिटी अस्पताल खोलने के कदम की मुर्मू ने सराहना की. मुर्मू ने कहा कि अस्पताल का नाम अपनी माता यशोदा के नाम पर रखना भारतीय संस्कारों और स्वदेशी की भावना का उदाहरण है.
"पहली बार देखा इतना अत्याधुनिक अस्पताल"
राष्ट्रपति ने कहा कि इस संस्था में कैंसर उपचार की आधुनिकतम सुविधाएं मिलेंगी. राष्ट्रपति मुर्मू ने अस्पताल का दौरा भी किया और कहा कि उन्होंने पहली बार इतना अत्याधुनिक अस्पताल देखा है, जहां एक ही छत के नीचे सभी तरह की जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों का कीमती समय बचेगा. उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और यह तभी संभव है जब देश का हर नागरिक स्वस्थ हो.
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