SIR को लेकर चुनाव आयोग की बड़ी तैयारी, 10 से 15 राज्यों में शुरू होगी प्रक्रिया; कल ऐलान संभव

ECI SIR News: देश में चुनावी हलचल एक बार फिर तेज़ होने वाली है. केंद्रीय निर्वाचन आयोग (ECI) सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर बड़ी घोषणा कर सकता है.

Election Commission big preparations regarding SIR start in 10 to 15 states announcement tomorrow
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ECI SIR News: देश में चुनावी हलचल एक बार फिर तेज़ होने वाली है. केंद्रीय निर्वाचन आयोग (ECI) सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर बड़ी घोषणा कर सकता है. सूत्रों के मुताबिक, इस बार आयोग 10 से 15 राज्यों में SIR प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है, जिनमें वे पांच राज्य भी शामिल हैं, जहां आगामी विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं.

यह फैसला ऐसे समय में आने वाला है जब कई राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट करने और नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया जारी है. आयोग का उद्देश्य है कि चुनाव से पहले मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और अद्यतन हो.

पश्चिम बंगाल से पुडुचेरी तक, कई राज्य होंगे शामिल

सूत्र बताते हैं कि आयोग पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी जैसे चुनावी राज्यों में SIR की घोषणा कर सकता है. इन पांचों राज्यों के अलावा अन्य 5 से 10 राज्य भी इस चरण में शामिल होंगे. हालांकि, जिन राज्यों में इस समय भारी बर्फबारी या ठंड का असर है, उन्हें फिलहाल इस सूची से बाहर रखा जाएगा.

तीन महीने में पूरी होगी प्रक्रिया, बिहार मॉडल पर काम

निर्वाचन आयोग ने इस बार SIR प्रक्रिया को “बिहार मॉडल” पर आधारित किया है, यानी पूरी प्रक्रिया तीन महीने में पूरी की जाएगी. इस दौरान मतदाता सूचियों की समीक्षा, नए नाम जोड़ना, गलतियों का सुधार और मृत मतदाताओं के नाम हटाने जैसे कार्य किए जाएंगे.

पहले आयोग की योजना थी कि सभी राज्यों में एक साथ SIR लागू किया जाए, लेकिन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के साथ दो दौर की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया कि पहले चरण में केवल 10–15 राज्यों में SIR शुरू किया जाए.

दूसरे चरण में बाकी राज्य होंगे शामिल

जिन राज्यों में अभी तैयारी अधूरी है या भौगोलिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं, वहां SIR की प्रक्रिया अगले चरण में कराई जाएगी. चुनाव आयोग का कहना है कि हर राज्य की स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए समयसीमा तय की जा रही है ताकि मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता पर कोई असर न पड़े.

मतदाता सूची पर फोकस, पारदर्शिता प्राथमिकता

चुनाव आयोग का यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. SIR के ज़रिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में हो और किसी प्रकार की डुप्लिकेट या त्रुटिपूर्ण एंट्री न रह जाए.

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