जयपुर फुट यूएसए के चेयरमैन श्री प्रेम भंडारी ने भारत के पूर्व विदेश सचिव, अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत एवं भारत की G-20 अध्यक्षता के मुख्य समन्वयक रहे श्री हर्षवर्धन श्रृंगला को भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्यसभा (उच्च सदन) में नामित किए जाने पर फोन के माध्यम से हार्दिक बधाई दी.
"चुनौतियों का समाधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई"
भंडारी ने कहा कि उन्हें अमेरिका में श्रृंगला जी के साथ काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जहां उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को तत्परता और संवेदनशीलता के साथ हल किया. विदेश सचिव के रूप में भी, उन्होंने वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय की कोविड-19 महामारी के दौरान चुनौतियों का समाधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनकी प्रतिबद्धता केवल कूटनीति तक सीमित नहीं रही ,उन्होंने न केवल हजारों फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की, बल्कि सीमाओं के पार मानवीय सहायता भी उपलब्ध करवाई.
भंडारी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि श्री श्रृंगला जयपुर फुट (भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति - BMVSS), जो विश्व की सबसे बड़ी दिव्यांगजन सहायता संस्था है, के वर्षों से मजबूत समर्थक रहे हैं. बांग्लादेश में उच्चायुक्त बनने से पहले से ही वे इस नेक कार्य से जुड़े हुए थे.
अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, श्रृंगला ने न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास और जयपुर फुट यूएसए (BMVSS की अमेरिकी शाखा) के सहयोग से आयोजित एक सात दिवसीय प्रदर्शनी और संगोष्ठी का उद्घाटन किया. बाद में उन्होंने वाशिंगटन डीसी के कैपिटल हिल में एक और प्रभावशाली प्रदर्शनी और संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें BMVSS के मानवीय कार्यों को प्रस्तुत किया गया.
विदेश सचिव के रूप में, श्री श्रृंगला ने 5 अगस्त 2020 को भारत सरकार की इंडिया फॉर ह्यूमैनिटी पहल के अंतर्गत 12 अंतरराष्ट्रीय जयपुर फुट शिविरों को स्वीकृति दी, जिससे हजारों दिव्यांगजनों को जीवन में नया संबल मिला. हाल ही में G-20 के मुख्य समन्वयक के रूप में, उन्होंने जोधपुर के ऐतिहासिक उम्मेद भवन पैलेस में आयोजित एक हाई-टी कार्यक्रम में भाग लिया, जिसकी मेजबानी जोधपुर के पूर्व नरेश महाराजा गज सिंह ने की थी. यह कार्यक्रम G-20 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जयपुर फुट यूएसए के सहयोग से संपन्न हुआ.
भंडारी ने अंत में कहा कि श्रृंगला वास्तव में जनता के राजदूत और बाद में जनता के विदेश सचिव रहे. यूक्रेन संकट हो या महामारी मुझे कई बार आधी रात को भी उनसे संपर्क करना पड़ा, और उन्होंने कभी मना नहीं किया. उनकी सहजता, करुणा और देश व जनसेवा के प्रति समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है.
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