जयपुर, भारत24 डिजिटल डेस्क: Rajasthan New CM Bhajan Lal Sharma सांगानेर सीट से विधायक भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) राजस्थान के नए सीएम होंगे. उनके साथ ही प्रेमचंद बैरवा और दीया कुमारी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है. दीया कुमारी जयपुर की विद्याधर नगर विधानसभा सीट से विधायक हैं. उन्होंने 2023 राजस्थान विधानसभा चुनाव में प्रतिद्वंद्वी को करीब 70 हजार वोटों से मात दी थी, यह प्रदेश में सबसे बड़ी जीत है. वहीं, दूसरे उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा राजस्थान की दूदू सीट से विधायक हैं.
भरतपुर के रहने वाले हैं सीएम भजन लाल
भाजपा की ओर से राजस्थान के मनोनीत मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मूल रूप से भरतपुर के रहने वाले हैं. भारतीय जनता पार्टी ने भजनलाल शर्मा को पहली बार जयपुर की सांगानेर जैसी सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ाया, क्योंकि इसे भाजपा का गढ़ कहा जाता है. इस सीट से भजन लाल शर्मा ने कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48081 वोटों से हराया. पिछले विधायक का टिकट काटकर भजनलाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया था. यहां पर बता दें कि मंगलवार को विधायक दल की बैठक में फोटो सेशन के दौरान विधायक दल की बैठक से पहले हुए फोटो सेशन में वे चौथी पंक्ति में बैठे थे.
लंबे समय से जुड़े हैं संघ से
भरतपुर जिले के रहने वाले भजन लाल शर्मा संगठन में लंबे समय से भाजपा संगठन में कार्यरत हैं. वह प्रदेश महामंत्री के तौर पर कार्य करते रहे थे. भजन लाल शर्मा सामान्य वर्ग (ब्राह्मण) से आते हैं. इसके साथ ही वह संघ की पृष्ठभूमि से भी हैं. वह काफी लंबे समय से वे संघ से जुड़े हुए हैं. बताया जाता है कि भारतीय जनता पार्टी में भी उनकी अच्छी पकड़ है.
राजनीति में शुरू से रहा रुझान
राजस्थान नए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को राजनीति में शुरू से रुझान रहा है. उन्होंने बीए करने के बाद राजनीति शास्त्र विषय में ही पोस्ट ग्रेजुएट किया है. एमएसजे कॉलेज किया है. प्राथमिक और उच्च शिक्षा की बात करें भजन लाल शर्मा ने हाई स्कूल की पढ़ाई राजकीय माध्यमिक विद्यालय गगवाना से ही, जो भरतपुर जिले में पड़ता है. इसके अलावा इंटरमीडिएट नदबई भरतपुर से किया है.
पोस्ट ग्रेजुएट हैं भजन लाल
गौरतलब है कि 55 वर्षीय भजन लाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट हैं. वह सांगानेर से विधायक हैं और भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री भी हैं. मंगलवार को विधायक दल की बैठक में भजनलाल शर्मा को विधायक दल का नेता चुना गया और 114 विधायकों ने उन्हें अपना नेता माना. वहीं, पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से उन्हें चुना गया.