PM Surya Ghar Yojana: देश में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने वाली केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना ने एक और बड़ा पड़ाव पार कर लिया है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, योजना के तहत लाभ पाने वाले परिवारों की संख्या 60 लाख के पार पहुंच गई है. यानी सरकार के एक करोड़ घरों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाने के लक्ष्य का करीब 60 फीसदी हिस्सा हासिल हो चुका है. फरवरी 2024 में शुरू हुई इस योजना को 1 लाख परिवारों तक पहुंचने में 118 दिन लगे थे, जबकि अब इतने ही परिवार महज करीब छह दिनों में जुड़ रहे हैं.
डिजिटल सिस्टम से आसान हुई प्रक्रिया
इस रफ्तार के पीछे सबसे बड़ी वजह योजना की प्रक्रिया का लगातार आसान और डिजिटल होना माना जा रहा है. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब तक 50,99,781 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं, जिनसे करीब 17,855.3 मेगावाट विकेंद्रीकृत सौर क्षमता जुड़ी है. वहीं 20.7 लाख से ज्यादा लाभार्थी परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने सोलर सिस्टम लगने के बाद किसी महीने में शून्य बिजली बिल की सूचना दी है. सरकार ने तकनीकी व्यवहार्यता जांच को 10 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए आसान किया है और राष्ट्रीय पोर्टल को 80 से अधिक डिस्कॉम से जोड़ा गया है, जिससे आवेदन से लेकर मंजूरी और इंस्टॉलेशन तक की प्रक्रिया तेज हुई है.
सब्सिडी और लोन ने बढ़ाया भरोसा
योजना की सफलता में सब्सिडी और आसान लोन की भी बड़ी भूमिका है. सरकार के मुताबिक, सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है और हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक 33,642 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाभार्थियों को ट्रांसफर की जा चुकी है. इसके अलावा जन समर्थ पोर्टल के जरिए करीब 5.75 फीसदी की रियायती ब्याज दर पर बिना गारंटी वाले लोन की सुविधा उपलब्ध है, जिससे शुरुआती लागत का बोझ कम हुआ है. दूसरी तरफ, योजना के तहत पंजीकृत वेंडर्स की संख्या 37,000 से ज्यादा हो चुकी है और 2.5 लाख से अधिक लोगों को सोलर क्षेत्र से जुड़े काम के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है.
सोलर सेक्टर में बढ़े रोजगार अवसर
रूफटॉप सोलर की बढ़ती मांग अब सिर्फ बिजली बिल घटाने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इससे देश में रोजगार और स्थानीय कारोबार के नए अवसर भी बन रहे हैं. सरकार का अनुमान है कि पीएम सूर्य घर योजना से सोलर मैन्युफैक्चरिंग, इंस्टॉलेशन, लॉजिस्टिक्स, बिक्री, रखरखाव और वित्तीय सेवाओं समेत विभिन्न क्षेत्रों में करीब 17 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. मार्च 2026 में सरकार ने बताया था कि एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य पूरा होने पर 25 वर्षों में करीब 1,000 अरब यूनिट नवीकरणीय बिजली पैदा होने और लगभग 720 मिलियन टन CO2 उत्सर्जन में कमी का अनुमान है. ऐसे में 60 लाख परिवारों का आंकड़ा पार करना योजना के लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत में घरेलू स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा के तेजी से विस्तार का संकेत भी है.
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