'चिंता मत कीजिए, हम अंग्रेजी भी समझ सकते हैं...', ब्रिटेन में पीएम मोदी का दिखा अनोखा अंदाज, जानिए क्या हुआ

प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी बात शुरू की, माहौल तुरंत गंभीर हो गया.

PM Modi unique style seen in Britain
पीएम मोदी | Photo: X/Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया ब्रिटेन दौरा और वहां हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस एक दिलचस्प घटना बन गई, जिसमें उन्होंने न केवल कूटनीतिक मुद्दों पर गहरी बातचीत की, बल्कि अपने सहज और चतुर तरीके से कुछ हल्के-फुल्के पल भी साझा किए. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, जहां एक ओर उन्होंने खालिस्तानी आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति को साझा किया, वहीं दूसरी ओर एक छोटी सी गड़बड़ी को हलके अंदाज में संभालते हुए माहौल को सहज भी बना दिया.

हल्का फुल्का पल और गहरी बातें

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बयान का हिंदी अनुवाद करते वक्त अनुवादक ने थोड़ा उलझन महसूस किया और माफी मांगी. इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, “चिंता मत कीजिए, हम बीच-बीच में अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं.” इस हल्के-फुल्के पल ने सभी को हंसी में डाल दिया और माहौल को थोड़ा कम औपचारिक बना दिया. पीएम मोदी की इस सहजता को सोशल मीडिया पर खूब सराहा गया, और लोगों ने उनकी विनम्रता और सहजता को लेकर काफी तारीफ की.

लेकिन, जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी बात शुरू की, माहौल तुरंत गंभीर हो गया. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि "जो लोग लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग करके लोकतंत्र को कमजोर करते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए." यह बयान विशेष रूप से ब्रिटेन में खालिस्तानी गतिविधियों के संदर्भ में था, जहां मार्च 2023 में भारतीय उच्चायोग पर हुए हमले के बाद भारत ने इस मुद्दे पर अपनी गंभीर चिंता जाहिर की थी.

कश्मीर और आतंकवाद पर कड़ा संदेश

पीएम मोदी ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए ब्रिटिश सरकार का धन्यवाद किया और साफ तौर पर कहा, "आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंडों की कोई जगह नहीं हो सकती." यह बयान न केवल कश्मीर के संदर्भ में था, बल्कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ अडिग नीति को भी स्पष्ट करता है. इससे पहले, पीएम मोदी ने बिहार के मधुबनी में भी आतंकवादियों को चेतावनी दी थी कि "हम हर आतंकी को ढूंढेंगे, पहचानेंगे और सजा देंगे."

इस बयानी ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ कठोर नीति को और स्पष्ट किया, खासकर जब भारत ने पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई की थी.

भगोड़े अपराधियों और आर्थिक मुद्दों पर बातचीत

ब्रिटिश प्रधानमंत्री से हुई बातचीत में भारत ने ब्रिटेन से खालिस्तानी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की. इसके साथ ही भारत ने भगोड़े अपराधियों जैसे विजय माल्या, नीरव मोदी, और ललित मोदी के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी उठाया.

भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए. यह समझौता भारतीय निर्यात पर 99% शुल्क को कम करेगा, जिससे भारतीय उत्पाद सस्ते होंगे और ब्रिटेन के उत्पाद जैसे व्हिस्की और कारें भारत में सस्ती होंगी. इसका अनुमानित आर्थिक फायदा दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को सालाना 4.8 अरब पाउंड तक हो सकता है.

क्रिकेट और कूटनीतिक संबंध

प्रधानमंत्री मोदी ने क्रिकेट का जिक्र करते हुए दोनों देशों के संबंधों को "सीधे बल्ले से खेलने" के रूप में पेश किया, जिससे माहौल में हल्की सी ताजगी आ गई. इस मजेदार बयान ने कूटनीतिक बातचीत में एक व्यक्तिगत स्पर्श जोड़ा.

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