नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजों और भारतीय राजनीति में विकास की भूमिका पर खुलकर अपने विचार साझा किए. छठे रामनाथ गोयनका व्याख्यान में उन्होंने बताया कि लगातार चुनाव जीतने के पीछे बीजेपी का बड़ा मंत्र क्या है और किस तरह पार्टी विकास, जनसंवाद और कार्यकर्ता समर्पण के जरिए जनता का भरोसा जीत रही है.
मोदी ने कहा कि बिहार चुनाव का परिणाम सभी राजनीतिक दलों के लिए एक स्पष्ट संदेश है. उनका मानना है कि अब राजनीतिक पार्टियों के लिए केवल विचारधारा या राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि विकास पर आधारित नीतियां और जनता के कल्याण की दिशा ही उनके भविष्य का निर्धारण करेंगी. चाहे कोई वामपंथी, दक्षिणपंथी या मध्यमार्गी दल हो, जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करना ही उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए.
चौबीसों घंटे विकास मोड ही जीत का मंत्र
प्रधानमंत्री ने व्याख्यान में यह भी कहा कि उनके और पार्टी के आलोचक अक्सर कहते हैं कि बीजेपी हमेशा चुनावी मोड में रहती है. उन्होंने इसे खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यह चुनावी मोड नहीं बल्कि “भावनात्मक मोड” है. इसका मतलब है कि पार्टी चौबीसों घंटे विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्ध रहती है.
The influence of Maoism is shrinking. And, that is great for India’s development. pic.twitter.com/fAmpHPvhGr
— Narendra Modi (@narendramodi) November 18, 2025
मोदी ने जोर देकर कहा, “बीजेपी चुनाव इसलिए जीतती है क्योंकि उसके करोड़ों कार्यकर्ता लगातार जनता के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं. यह केवल जीतने की इच्छा नहीं, बल्कि सेवा भावना से भरा अभियान है, जो लोगों के दिलों को जीतता है.”
कांग्रेस पर पीएम का निशाना
प्रधानमंत्री ने अपने व्याख्यान में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पिछले कई दशकों में उन ताकतों को बढ़ावा दिया जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और संविधान में विश्वास नहीं रखती थीं. मोदी ने इसे “शहरी नक्सलियों” की पैठ कहा और दावा किया कि कांग्रेस में यह पारिस्थितिकी तंत्र अब ‘एमएमसी’ के रूप में बदल गया है, जो राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रीय हितों को दरकिनार कर रहा है.
मोदी ने कहा, “मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि देश में नक्सलवाद और माओवादी आतंकवाद की बढ़ती चुनौती के बावजूद, कांग्रेस ने इन ताकतों के खिलाफ ठोस कदम उठाने में विफलता दिखाई.”
राज्य सरकारों को विकास पर ध्यान देना चाहिए
प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों के प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व को यह संदेश दिया कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी विकास और निवेश आकर्षित करना होनी चाहिए. मोदी ने कहा कि बिहार चुनाव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जनता उन पार्टियों पर भरोसा करती है, जो ईमानदारी से काम करती हैं और विकास की प्राथमिकता देती हैं.
उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत के लोग आज चुनाव में केवल पार्टियों के नाम या उनके पुराने रिकॉर्ड के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी नीयत और विकास पर आधारित कार्यों के आधार पर वोट कर रहे हैं.
बिहार में रिकॉर्ड मतदान और महिलाओं की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने बिहार चुनाव के इतिहासिक मतदान पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में सबसे अधिक मतदान हुआ, जिसमें महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक वोटिंग की. मोदी ने इसे लोकतंत्र की वास्तविक जीत बताया और कहा कि जनता ने अपने जनादेश के जरिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने लालू प्रसाद यादव और राजद सरकार का भी जिक्र किया और कहा कि जनता ने पिछली सरकार को लंबे समय तक अवसर दिया, लेकिन 'जंगलराज' की आलोचना के कारण बदलाव की राह चुनी.
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