Vikram-1 Launch: भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भर ली. दोपहर 12:05 बजे लॉन्च हुए इस रॉकेट ने अपने पहले ही प्रयास में तय मिशन पूरा किया. इस सफलता के साथ भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने एक नया इतिहास रच दिया.
पीएम मोदी ने दी बधाई
रॉकेट की सफल लॉन्चिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक पवन कुमार चंदना से फोन पर बात कर पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के लिए गर्व की बात है और भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को नई ऊंचाई देगी.
Spoke to the team of Skyroot Aerospace and congratulated them on the successful launch of Vikram-1.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 18, 2026
This is a defining moment in India’s space journey. The growing participation of our private sector is opening new frontiers and accelerating innovation.
This achievement will… pic.twitter.com/epWjOY8yKa
क्यों भेजा था 'वंदे मातरम्' का संदेश?
बातचीत के दौरान पवन कुमार चंदना ने प्रधानमंत्री से पूछा कि उन्होंने इस मिशन के लिए 'वंदे मातरम्' का संदेश ही क्यों चुना. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि इस बार देश 'वंदे भारत' की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है. इसी वजह से उन्होंने 'वंदे मातरम्' का संदेश भेजा.
उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई के समय इस गीत ने देश के युवाओं को प्रेरित किया था और आज भी यह देशवासियों में नई ऊर्जा भरता है. प्रधानमंत्री का यह संदेश भी विक्रम-1 मिशन के साथ अंतरिक्ष में भेजा गया है.
🚨 𝗟𝗶𝗳𝘁𝗼𝗳𝗳 𝗼𝗳 𝗦𝗸𝘆𝗿𝗼𝗼𝘁 𝗔𝗲𝗿𝗼𝘀𝗽𝗮𝗰𝗲'𝘀 𝗩𝗶𝗸𝗿𝗮𝗺-𝟭 𝗿𝗼𝗰𝗸𝗲𝘁 𝗮𝘁 𝟭𝟮:𝟬𝟱 𝗣𝗠 𝗜𝗦𝗧 𝗳𝗿𝗼𝗺 𝘁𝗵𝗲 𝗙𝗶𝗿𝘀𝘁 𝗟𝗮𝘂𝗻𝗰𝗵 𝗣𝗮𝗱 𝗮𝘁 𝗦𝗛𝗔𝗥! 🚀
— ISRO Spaceflight (@ISROSpaceflight) July 18, 2026
The era of commercial spaceflight has begun in India 🇮🇳#Skyroot | #Vikram1 pic.twitter.com/yba2WRW1Ck
आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि
पीएम मोदी ने कहा कि जब उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की बात शुरू की थी, तब कई लोगों ने उसका मजाक उड़ाया था. लेकिन आज भारत हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रहा है. उन्होंने कहा कि विक्रम-1 की सफलता दिखाती है कि भारत अब अंतरिक्ष तकनीक में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
स्काईरूट की टीम से करेंगे मुलाकात
प्रधानमंत्री ने विक्रम-1 मिशन से जुड़ी पूरी स्काईरूट एयरोस्पेस टीम को मुलाकात के लिए भी आमंत्रित किया. उन्होंने इस उपलब्धि के लिए वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और पूरी टीम की सराहना की.
पहले ही प्रयास में मिली सफलता
हैदराबाद की निजी कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया. यह कंपनी का पहला ऑर्बिटल रॉकेट मिशन था और खास बात यह रही कि पहली ही उड़ान में रॉकेट ने सफलता हासिल कर ली. रॉकेट का प्रक्षेपण पहले सुबह 11:30 बजे होना था, लेकिन कुछ तकनीकी तैयारियों के कारण इसे दोपहर 12:05 बजे लॉन्च किया गया.
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