PM Modi In Rajasthan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश के पहले ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया. इस परियोजना को देश के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
ऊर्जा संकट पर क्या बोले पीएम मोदी?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से पूरी दुनिया ऊर्जा संकट का सामना कर रही है. कई देशों में ईंधन की कमी जैसी स्थिति बनी, लेकिन भारत ने सही समय पर सही फैसले लेकर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया.
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट के बावजूद भारत की इच्छाशक्ति, तैयारी और योजनाओं ने देश को मुश्किल हालात से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई.
LIVE: PM Shri @narendramodi launches multiple development projects in Balotra, Rajasthan. #PMModi4ViksitRajasthan https://t.co/QhC3sP4zxH
— BJP (@BJP4India) July 4, 2026
संकट के समय लिए गए फैसलों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने समय रहते हालात का सही आकलन किया और उसी के अनुसार रणनीति बनाई. देश के संसाधनों का संतुलित उपयोग किया गया और कूटनीतिक स्तर पर भी जरूरी कदम उठाए गए. इन सभी प्रयासों की वजह से भारत पर ऊर्जा संकट का असर सीमित रहा.
अफवाह फैलाने वालों पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने कहा कि संकट के दौरान कुछ लोग अफवाहें फैलाने और लोगों के बीच डर का माहौल बनाने में लगे थे. लेकिन दूसरी ओर सरकार लगातार हालात को संभालने और जरूरी फैसले लेने में जुटी रही. उन्होंने कहा कि उस समय जो मेहनत, धैर्य और कूटनीतिक प्रयास किए गए, उनका सही मूल्यांकन आने वाले समय में इतिहास करेगा.
ईंधन आपूर्ति पर नहीं आने दी बड़ी समस्या
प्रधानमंत्री ने कहा कि कई तरह की अफवाहों और राजनीतिक आरोपों के बावजूद देश में ईंधन की सप्लाई पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा. दूर-दराज के इलाकों में भी केवल मामूली दिक्कतें आईं, लेकिन पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बनी रही.
सरकार ने जनता पर नहीं पड़ने दिया अतिरिक्त बोझ
पीएम मोदी ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल और डीजल की बिक्री में तेल कंपनियों को 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. इस नुकसान की भरपाई सरकार ने की ताकि इसका बोझ आम लोगों पर न पड़े.
उन्होंने कहा कि सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी भी कम की, जिससे लोगों को राहत मिली और ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर कम करने की कोशिश की गई.
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