PM Modi Norway Visit: भारत और नॉर्डिक देशों के बीच संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है. नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार, निवेश, नवाचार और वैश्विक साझेदारी को लेकर भारत की प्राथमिकताओं को सामने रखा. उन्होंने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख बिल्कुल साफ है और किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकतंत्र, कानून का शासन और बहुपक्षीय व्यवस्था के प्रति भारत और नॉर्डिक देशों की साझा प्रतिबद्धता दोनों पक्षों को स्वाभाविक साझेदार बनाती है. उन्होंने कहा कि तकनीक, हरित विकास और टिकाऊ भविष्य जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों की प्राथमिकताएं समान हैं, जिससे सहयोग के नए अवसर लगातार पैदा हो रहे हैं.
आठ साल पहले शुरू हुआ था यह मंच
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रिश्तों को नई गति देने के उद्देश्य से करीब आठ वर्ष पहले इस सहयोग मंच की शुरुआत की गई थी. उनका कहना था कि इस पहल का मकसद केवल राजनीतिक संवाद तक सीमित नहीं था, बल्कि आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को भी नई ऊंचाई तक ले जाना था.
उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है. दोनों पक्षों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा है और निवेश सहयोग भी मजबूत हुआ है.
LIVE: PM Shri @narendramodi attends the joint press meet with leaders of Nordic nations https://t.co/MYbVa7AWJG
— BJP (@BJP4India) May 19, 2026
व्यापार चार गुना बढ़ा, निवेश में बड़ी छलांग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग चार गुना बढ़ चुका है. इसके साथ ही नॉर्डिक देशों के निवेश फंड भारत की तेज आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में नॉर्डिक देशों से भारत में आने वाले निवेश में करीब 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. प्रधानमंत्री ने इसे भारत की आर्थिक संभावनाओं और वैश्विक निवेशकों के भरोसे का बड़ा संकेत बताया.
व्यापार समझौतों से खुले नए रास्ते
प्रधानमंत्री ने कहा कि अक्टूबर 2025 से नॉर्वे, आइसलैंड और अन्य ईएफटीए देशों के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता लागू किया गया है. इसके अलावा हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को भी आगे बढ़ाया गया, जिसमें डेनमार्क, फिनलैंड और स्वीडन जैसे देश शामिल हैं.
उनका कहना था कि इन समझौतों से भारत और नॉर्डिक देशों के रिश्तों में एक नए स्वर्णिम दौर की शुरुआत होने जा रही है. इससे व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, हरित उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा मिलेगी.
वैश्विक तनाव के बीच शांति पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक हालात पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय संघर्ष और तनाव के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत और नॉर्डिक देश मिलकर नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे.
उन्होंने कहा कि चाहे यूक्रेन का संकट हो या पश्चिम एशिया की स्थिति, भारत हमेशा शांति और संवाद के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा. साथ ही उन्होंने बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय संगठनों में बदलाव बेहद जरूरी हो गया है.
आतंकवाद पर भारत का स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस विषय पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हो सकता. उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मानदंड स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
उनका कहना था कि दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एक समान और स्पष्ट नीति अपनानी होगी. भारत लंबे समय से आतंकवाद का सामना कर रहा है और इस मुद्दे पर उसका रुख पूरी तरह स्पष्ट है.
‘संबंध’ शब्द का दिया खास उदाहरण
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘संबंध’ शब्द का विशेष उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि कई नॉर्डिक भाषाओं में भी ‘संबंध’ शब्द का अर्थ जुड़ाव, रिश्ता और आपसी बंधन होता है. हिंदी में भी इसका अर्थ यही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल भाषाई समानता नहीं, बल्कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच विचारों और मूल्यों की निकटता को भी दर्शाता है.
ये भी पढ़ें- इंसानों के लिए खतरा बना तो... पागल कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जानें बड़ी बातें