गजब की चालबाज़ी! PM आवास योजना में मिला था घर, शख्स ने बना दिया लग्जरी होटल, पुलिस की रेड में खुल गई पोल पट्टी

कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर-21 कृष्णा नगर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवंटित एक मकान को दो मंजिला बनाकर उसमें ‘होटल सूर्या पैलेस’ नाम से व्यवसाय चलाया जा रहा है.

PM House converted into hotel in Kushinagar
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Kushinagar News: प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य देश के आर्थिक रूप से कमजोर तबके को एक सुरक्षित छत उपलब्ध कराना है, लेकिन उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में इस योजना का जिस तरह से मजाक उड़ाया गया है, वह न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है.

कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर-21 कृष्णा नगर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवंटित एक मकान को दो मंजिला बनाकर उसमें ‘होटल सूर्या पैलेस’ नाम से व्यवसाय चलाया जा रहा है. यह आवास योजना उन जरूरतमंदों के लिए है जो छत के लिए तरस रहे हैं, लेकिन यहां इसका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है.

5 साल में बना घर, 5 दिन में हो गया पूरा

संगीता नामक लाभार्थी को 29 जून 2021 को यह आवास आवंटित किया गया था. डूडा (दुर्गम नगरीय विकास अभिकरण) के माध्यम से निर्माण कार्य पांच चरणों में पूरा होना था. इसके लिए पहला भुगतान ₹50,000 सितंबर 2021 में हुआ. दूसरा भुगतान ₹1.5 लाख नवंबर 2021 में फाउंडेशन कार्य के बाद दिया गया. इसके बाद लगभग ढाई साल तक कोई खास प्रगति नहीं हुई, लेकिन हैरानी की बात ये है कि तीसरा, चौथा और पांचवां चरण लिंटर, रूफ और कंप्लीशन सिर्फ 5 दिनों के भीतर जुलाई 2024 में पूरे हो गए. यह स्पष्ट संकेत है कि दस्तावेजी खानापूर्ति कर योजना को कागजों पर पूरा दिखा दिया गया.

होटल में पुलिस की छापेमारी से खुली पोल

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को होटल सूर्या पैलेस में अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिली और छापा मारा गया. छापेमारी में कुछ कपल्स को पकड़ा गया और होटल के रूप में इस्तेमाल हो रहे इस दोमंजिला पीएम आवास की असलियत सामने आई.

प्रशासन हरकत में, डीएम का बयान

जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जांच शुरू कर दी गई है और विभागीय जिम्मेदारियों की भी परतें खोली जा रही हैं.

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