लोगों को जल्द मिल सकती है खुशखबरी! क्या रेपो रेट फिर से होगा कम? RBI गवर्नर ने दिए संकेत

Repo Rate News: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की हालिया बैठक से घरेलू कर्जधारकों को तात्कालिक राहत तो नहीं मिली, लेकिन भविष्य को लेकर नरमी के संकेत जरूर देखने को मिले हैं.

People may soon receive good news Will the repo rate lowered again RBI Governor
Image Source: ANI/ File

Repo Rate News: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की हालिया बैठक से घरेलू कर्जधारकों को तात्कालिक राहत तो नहीं मिली, लेकिन भविष्य को लेकर नरमी के संकेत जरूर देखने को मिले हैं. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि नीति दरों में कटौती की गुंजाइश है, पर मौजूदा आर्थिक माहौल में यह कदम "अप्रभावी" हो सकता है, इसलिए फिलहाल रेपो रेट को 5.50% पर स्थिर रखा गया है.

एक अक्टूबर को समाप्त इस बैठक का ब्योरा बुधवार को सार्वजनिक किया गया, जिसमें सभी छह सदस्यों ने सर्वसम्मति से ब्याज दर को यथावत रखने के पक्ष में मतदान किया. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत की विकास दर 7% से ऊपर और मुद्रास्फीति 4.5% के दायरे में बनी हुई है, जो नीति निर्माताओं को सतर्क लेकिन आशावादी रखे हुए है.

गवर्नर मल्होत्रा की सोच, स्थिरता पहले, राहत बाद में

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि हालिया आर्थिक आंकड़े उत्साहजनक हैं, विकास दर मजबूत है और मुद्रास्फीति में भी नियंत्रण नजर आ रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस समय दरों में कटौती से वह प्रभाव नहीं मिलेगा जिसकी अपेक्षा की जाती है.

RBI गवर्नर  संजय मल्होत्रा ने कहा, ❝नीति दरों में जल्दबाज़ी से बाज़ार को गलत संदेश जा सकता है. अभी हमारा लक्ष्य संतुलन बनाए रखना है, यानी विकास को सहारा देना और महंगाई को नियंत्रित रखना,❞

डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने क्या कहा?

डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने भी विकास और महंगाई के बीच बन रहे संतुलन को सकारात्मक बताया. उन्होंने संकेत दिया कि ब्याज दरों में कुछ राहत की गुंजाइश है, लेकिन समिति की सामूहिक राय में फिलहाल यथास्थिति ही उपयुक्त है.

अब तक क्या रहा है ब्याज दरों का ट्रेंड?

फरवरी से जून 2025 के बीच, रेपो दर में कुल 1% की कटौती की गई थी. 6.50% से घटाकर 5.50% तक लाया गया. अगस्त और अक्टूबर 2025 की बैठकों में कोई बदलाव नहीं किया गया

क्या दिसंबर 2025 में दर कटौती संभव है?

मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच प्रस्तावित है. आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मुद्रास्फीति 5% से नीचे और विकास दर 7% के आसपास बनी रही तो RBI 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती पर विचार कर सकता है.

2026 की पहली तिमाही में राहत संभव

गवर्नर मल्होत्रा के बयान यह संकेत दे रहे हैं कि यदि वर्तमान रुझान जारी रहते हैं, तो 2026 की शुरुआत में ब्याज दरों में नरमी देखने को मिल सकती है. यह कदम उन होम लोन और बिजनेस लोन लेने वालों के लिए राहत भरा होगा, जो सस्ती कर्ज दरों की उम्मीद में हैं.

यह भी पढ़ें- अफगानिस्तान ने मुनीर की सेना का किया बुरा हाल, कतर और सऊदी अरब के सामने गिड़गिड़ाने लगा PAK