Pawan Singh: राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म होता नजर आ रहा है और इस बार चर्चा का केंद्र बने हैं भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता पवन सिंह. उनके नाम को लेकर यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है. हाल ही में उनकी एक अहम मुलाकात ने इन कयासों को और भी बल दे दिया है. गुरुवार को पवन सिंह ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की.
आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी. मीडिया से बातचीत के दौरान पवन सिंह ने इस मुलाकात को लेकर ज्यादा कुछ नहीं कहा. उन्होंने बताया कि वह सिर्फ आशीर्वाद लेने गए थे. जब उनसे राज्यसभा जाने की संभावनाओं पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि वह पार्टी के एक सिपाही हैं और जो पार्टी नेतृत्व तय करेगा, वही उनके लिए अंतिम होगा.
#WATCH | Delhi: On his meeting with BJP National President Nitin Nabin, Actor-singer and BJP leader Pawan Singh says, "I took his blessings... "
— ANI (@ANI) February 26, 2026
On Rajya Sabha elections, he says," ...What boss wants will happen." pic.twitter.com/EBUz7CXQS0
राजनीति में नया नहीं है यह चेहरा
पवन सिंह का राजनीति से जुड़ाव नया नहीं है. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बिहार के काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था. हालांकि वह जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने मजबूत प्रदर्शन करते हुए उपेंद्र कुशवाहा को कड़ी टक्कर दी थी.
इससे पहले उन्हें पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से बीजेपी का टिकट भी मिला था, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. चुनाव के बाद उनके और उपेंद्र कुशवाहा के बीच रिश्तों में भी सुधार देखा गया. वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बीजेपी के लिए जोरदार प्रचार किया और कई जगहों पर पार्टी के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाई.
शीर्ष नेताओं से भी कर चुके हैं मुलाकात
विधानसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा से भी मुलाकात की थी. उस समय यह चर्चा भी चली थी कि वह आरा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हालांकि, उन्होंने पार्टी के प्रचार में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और सक्रिय रूप से अभियान में हिस्सा लिया.
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होना है. नामांकन प्रक्रिया 26 फरवरी से शुरू हो चुकी है और 5 मार्च तक चलेगी, जबकि मतदान 16 मार्च को प्रस्तावित है. जिन नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें अमरेंद्र धारी सिंह, उपेंद्र कुशवाहा, हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर और प्रेमचंद गुप्ता शामिल हैं.
एनडीए के लिए समीकरण आसान नहीं
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है. बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जिससे चार सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है. लेकिन पांचवीं सीट के लिए स्थिति थोड़ी जटिल हो सकती है, क्योंकि चार सीटों के बाद एनडीए के पास 38 वोट बचते हैं, जो जरूरी आंकड़े से तीन कम हैं.
यही वजह है कि अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या बीजेपी किसी चर्चित और लोकप्रिय चेहरे को मैदान में उतार सकती है, ताकि राजनीतिक समीकरण साधे जा सकें. पवन सिंह का नाम इसी संदर्भ में तेजी से उभर रहा है.
क्या मिलेगी दिल्ली की नई पारी?
फिलहाल पवन सिंह के राज्यसभा जाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से उनका नाम चर्चा में है, उसने राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बढ़ा दी है. अब सबकी नजर बीजेपी के अंतिम फैसले पर टिकी है. आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि क्या पवन सिंह को राष्ट्रीय राजनीति में नई जिम्मेदारी मिलेगी या फिर यह चर्चाएं सिर्फ अटकलों तक ही सीमित रह जाएंगी.
ये भी पढ़ें- एकबार फिर गरजा वैभव सूर्यवंशी का बल्ला, इतने गेदों में जड़ दिया अर्धशतक; IPL से ऐन पहले दिखा शानदार फॉर्म