भैरव बटालियन की ताकत और एडवांस हथियारों का प्रदर्शन... ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 की तैयारी शुरू! देखें VIDEO

भारतीय सेना ने एक बार फिर अपनी ताकत और तैयारी का प्रदर्शन करते हुए साफ कर दिया है कि भविष्य में किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए वह पूरी तरह तैयार है.

Bhairav ​​Battalion Preparations for Operation Sindoor Part-2 watch video
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

नई दिल्ली: भारतीय सेना ने एक बार फिर अपनी ताकत और तैयारी का प्रदर्शन करते हुए साफ कर दिया है कि भविष्य में किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए वह पूरी तरह तैयार है. पठानकोट के मामून कैंट में आयोजित एक खास कार्यक्रम में सेना की वेस्टर्न कमांड ने आधुनिक युद्ध क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया. यह आयोजन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को याद करने के साथ-साथ संभावित ‘ऑपरेशन सिंदूर-2’ की तैयारी का संकेत भी देता है.

इस कार्यक्रम में सेना ने नए जमाने की तकनीकों को दिखाया, जिसमें हाईटेक ड्रोन, नेटवर्क आधारित बैटल सिस्टम और एडवांस निगरानी उपकरण शामिल थे. इन तकनीकों की मदद से दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखना, उसकी लोकेशन ट्रैक करना और तुरंत कार्रवाई करना अब पहले से कहीं आसान हो गया है. यह साफ संकेत है कि भारतीय सेना अब तकनीक के दम पर और ज्यादा मजबूत हो चुकी है.

ऑपरेशन सिंदूर की कहानी

ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में शुरू किया गया था. यह कार्रवाई अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी. इसके बाद भारतीय सेना ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी. यह पूरा ऑपरेशन करीब 72 घंटे में खत्म हो गया, जब पाकिस्तान को संघर्ष विराम की अपील करनी पड़ी.

वेस्टर्न कमांड की अहम भूमिका

इस ऑपरेशन में वेस्टर्न कमांड की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही. सेना ने सटीक स्ट्राइक के जरिए दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाया और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया. इस ऑपरेशन की सफलता की तारीफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई. अमेरिकी अधिकारियों ने भी इसे एक बेहतरीन सैन्य रणनीति और सटीक कार्रवाई का उदाहरण बताया.

भैरव बटालियन बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला प्रदर्शन ‘भैरव बटालियन’ का रहा. यह एक नई और खास कमांडो यूनिट है, जिसे सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट से तैयार किया गया है. इस बटालियन ने शहरी युद्ध के दौरान अपनी तेजी, सटीकता और रणनीति का लाइव प्रदर्शन किया. जवानों ने कुछ ही सेकंड में आतंकी ठिकानों को खत्म करने की क्षमता दिखाई.

यह बटालियन “इनविजिबल और इनविंसिबल” फोर्स के रूप में जानी जाती है. इसमें करीब 250 जवान हैं, जिनमें इन्फैंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस और सिग्नल्स के विशेषज्ञ शामिल हैं. यह यूनिट खास तौर पर तेज प्रतिक्रिया और हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशंस के लिए तैयार की गई है और भविष्य के हाइब्रिड युद्ध में इसकी भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है.

नेटवर्क सेंट्रिक वॉरफेयर से बढ़ी ताकत

सेना ने यह भी दिखाया कि नेटवर्क सेंट्रिक वॉरफेयर सिस्टम के जरिए कमांड और कंट्रोल को और मजबूत किया गया है. अब सेना के अलग-अलग यूनिट्स के बीच जानकारी तुरंत साझा की जा सकती है, जिससे फैसले तेजी से लिए जा सकते हैं और कार्रवाई भी तुरंत हो सकती है.

सीमा पर बढ़ाई गई सतर्कता

सीमा पर बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सेना ने कई अहम कदम उठाए हैं. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं, रात में गश्त बढ़ाई गई है और विशेष ऑपरेशन की तैयारी भी की जा रही है. साथ ही, खुफिया जानकारी के आधार पर टारगेटेड प्लान तैयार किए जा रहे हैं.

वेस्टर्न कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा है कि देश की सुरक्षा सबसे ऊपर है और भारतीय सेना हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और अगर कोई उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो उसका जवाब पहले से ज्यादा सख्त और खतरनाक होगा.

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