Dhurandhar Movie: रणवीर सिंह और आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है. फिल्म में अक्षय खन्ना, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल जैसे बड़े सितारे शामिल हैं. भारत में फिल्म के प्रदर्शन के साथ ही इसकी सफलता का असर पड़ोसी देश पाकिस्तान तक भी दिखाई देने लगा है. पाकिस्तान के कुछ वर्गों ने फिल्म की सामग्री को लेकर नाराजगी जताई है और विवाद का रास्ता अदालत तक पहुंचा.
कराची की एक जिला अदालत में ‘धुरंधर’ के निर्माता और निर्देशक के खिलाफ आवेदन दाखिल किया गया. इस आवेदन को पेश करने वाले मोहम्मद आमिर का दावा है कि वे पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के कार्यकर्ता हैं. आवेदन में आरोप लगाया गया कि फिल्म के ट्रेलर और कुछ दृश्य PPP को आतंकवाद के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी के रूप में दिखाते हैं. साथ ही कराची के ल्यारी इलाके को “आतंकवादी युद्ध क्षेत्र” के रूप में प्रस्तुत करना गलत और भड़काऊ बताया गया.
आवेदन में यह भी कहा गया कि फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की तस्वीरें, PPP का झंडा और पार्टी रैलियों के दृश्य का इस्तेमाल बिना किसी कानूनी अनुमति के किया गया है. यही कारण है कि आवेदनकर्ता ने निर्देशक और प्रोड्यूसर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की.
फिल्म के खाड़ी देशों में प्रतिबंध
‘धुरंधर’ केवल पाकिस्तान में विवादित नहीं रही. खाड़ी देशों में भी फिल्म पर रोक लगाई गई है. यह फिल्म बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई में रिलीज नहीं हो सकी. पहले भी पाकिस्तान से जुड़ी फिल्मों को खाड़ी देशों में रिलीज से रोक दिया जाता रहा है, खासकर जब उनकी सामग्री विवादास्पद या राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो.
भारत में फिल्म की कमाई और लोकप्रियता
फिल्म ने भारत में बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है. ‘धुरंधर’ ने पहले हफ्ते ही बड़ी कमाई की है और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की है. आलोचकों ने भी फिल्म के एक्शन दृश्यों, स्टार कास्ट और कहानी की तारीफ की है. इसके बावजूद, फिल्म का अंतरराष्ट्रीय विवाद यह दर्शाता है कि भारतीय सिनेमा की विषय वस्तु कभी-कभी पड़ोसी देशों के राजनीतिक या सामाजिक संदर्भों में संवेदनशील साबित हो सकती है.
विवाद का राजनीतिक और सामाजिक पहलू
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान में फिल्म के खिलाफ मामला राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से संवेदनशील है. PPP और बेनजीर भुट्टो से जुड़े दृश्य विवाद का मुख्य कारण बन गए हैं. जबकि फिल्म निर्माताओं का दावा है कि यह केवल सिनेमाई ड्रामा और कहानी के अनुसार है.
फिल्म के खाड़ी देशों में प्रतिबंध का कारण भी सामग्री की संवेदनशीलता और स्थानीय सांस्कृतिक नियमों को बताया गया. इस तरह, ‘धुरंधर’ न केवल भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विवाद और चर्चाओं का विषय बन गई है.
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