Fatah-IV Missile: पाकिस्तान ने 14 मई 2026 को अपनी स्वदेशी रूप से विकसित फतह-4 (Fatah-IV) गाइडेड मल्टीपल रॉकेट सिस्टम का सफल प्रशिक्षण परीक्षण किया. पाकिस्तान की सेना के रॉकेट फोर्स कमांड द्वारा किए गए इस परीक्षण को देश की सैन्य तैयारियों और मिसाइल सिस्टम की ऑपरेशनल क्षमता को परखने के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
फतह-4 एक लंबी दूरी तक मार करने वाली सतह से सतह पर हमला करने में सक्षम क्रूज मिसाइल प्रणाली है. पाकिस्तान के अनुसार इसकी मारक क्षमता लगभग 750 किलोमीटर तक है. इतनी लंबी रेंज होने के कारण भारत के कई बड़े शहर और रणनीतिक इलाके इसकी पहुंच में आते हैं.
पाकिस्तान सेना ने क्या कहा?
पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि फतह-4 अत्याधुनिक एवियोनिक्स और आधुनिक नेविगेशन सिस्टम से लैस है.
बयान के मुताबिक यह मिसाइल लंबी दूरी के लक्ष्यों को बेहद सटीकता के साथ निशाना बनाने में सक्षम है. प्रशिक्षण परीक्षण का मकसद सैनिकों की ऑपरेशनल तैयारी को मजबूत करना और सिस्टम में शामिल विभिन्न तकनीकी उप-प्रणालियों की कार्यक्षमता को परखना था.
परीक्षण के दौरान पाकिस्तान आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इसके अलावा मिसाइल विकसित करने वाली एजेंसी के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने भी इस परीक्षण को देखा.
पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं ने दी बधाई
फतह-4 के सफल परीक्षण के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया.
इसके अलावा नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू ने भी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सराहना की.
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी बयान जारी कर कहा कि यह देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई देते हुए कहा कि पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत और अभेद्य है.
भारत के कौन-कौन से शहर फतह-4 की रेंज में?
फतह-4 मिसाइल की 750 किलोमीटर की रेंज के कारण भारत के कई सीमावर्ती और बड़े शहर इसकी पहुंच में आते हैं.
इसमें पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, पठानकोट, गुरदासपुर और पटियाला जैसे शहर शामिल हैं.
राजस्थान में जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, फलोदी, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और नागौर भी इसकी रेंज में बताए जा रहे हैं.
इसके अलावा गुजरात के भुज, जामनगर, राजकोट, अहमदाबाद, गांधीनगर और कच्छ क्षेत्र भी इस मिसाइल की पहुंच के दायरे में आते हैं.
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई इलाके जैसे जम्मू, श्रीनगर, कठुआ, सांबा, बारामूला, उधमपुर, कारगिल और लेह भी इसकी संभावित रेंज में शामिल माने जा रहे हैं.
फतह-4 मिसाइल की खासियतें
फतह-4 को पाकिस्तान की आधुनिक गाइडेड मल्टीपल रॉकेट सिस्टम परियोजना का हिस्सा माना जा रहा है. इसकी कुछ प्रमुख तकनीकी विशेषताएं इस प्रकार हैं:
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ सकती है चर्चा
फतह-4 के परीक्षण के बाद दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन और सुरक्षा को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो सकती हैं. भारत और पाकिस्तान दोनों पहले से ही कई प्रकार की बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल प्रणालियों का परीक्षण और तैनाती करते रहे हैं.
ऐसे में पाकिस्तान द्वारा लंबी दूरी की नई मिसाइल प्रणाली के सफल परीक्षण का दावा क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ये भी पढ़ें- वैभव सूर्यवंशी से प्रभसिमरन तक... इन 5 खिलाड़ियों को मिला IPL में प्रदर्शन का फल, इंडिया ए की टीम में जगह