इस्लामाबाद: कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने अमेरिका को वचन दिया है कि वह गाजा में हमास के खिलाफ लड़ाई में 20,000 सैनिक भेजेगा. रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने गाजा में तैनात किए जाने वाले सैनिकों के लिए प्रति सैनिक 10,000 अमेरिकी डॉलर की मांग की है, जबकि इज़राइल ने केवल 100 डॉलर प्रति सैनिक का प्रस्ताव दिया.
बैठक और रणनीति पर चर्चा
सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने हाल ही में मिस्र का दौरा किया, जहां मोसाद और सीआईए के साथ बैठक हुई. इन बैठकों में कहा गया कि पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों के सैनिकों को गाजा में तैनात किया जा सकता है, और उनका मुख्य उद्देश्य हमास से हथियार जब्त करना और उसे निरस्त्रीकृत करना होगा. हालांकि, यह जानकारी अभी तक पाकिस्तान या इज़राइल की आधिकारिक पुष्टि से नहीं जुड़ी है.
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— Voice of Khorasan (@VoiceKhorasan1) November 2, 2025
The Pakistani government reportedly wants to receive $10,000 from Israel for each soldier deployed to the Gaza Strip, while Israel is only offering $100 per soldier.
Renowned journalist Asma Shirazi has claimed that a serious dispute has arisen between Field… pic.twitter.com/E3qCx6PusO
किराए पर सैनिकों का मुद्दा
रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि अगर ये खबर सही है, तो इससे यह प्रतीत होता है कि पाकिस्तान के सैनिक “किराए के सैनिक” की तरह कार्य कर सकते हैं. इस दावे के अनुसार, इज़राइल को पाकिस्तान के सैनिक भेजने के लिए पैसे चुकाने होंगे. हालांकि, पाकिस्तान ने कभी भी आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार नहीं किया कि उसके सैनिक विदेशों में ऐसे मिशन में हिस्सा लेंगे.
इतिहास में पाकिस्तान ने मध्य पूर्व के मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई है, लेकिन गाजा में सैनिक भेजने का कोई पुष्ट रिकॉर्ड नहीं है. 1970 के दशक में भी पाकिस्तान की सेना को मिस्र और अन्य देशों में सहायता प्रदान करने की अफवाहें थीं, लेकिन उनकी पुष्टि विवादास्पद रही.
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