पाकिस्तान में मुनीर की तानाशाही, इमरान खान के समर्थकों का होगा कत्लेआम? सेना प्रमुख की खुली धमकी

Asim munir warn Imran khan: पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रस्तावित प्रदर्शन और इस्लामाबाद मार्च से पहले सेना ने कड़ा संदेश दिया है. पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग ISPR के मुताबिक, सेना की शीर्ष कमान ने कहा है कि देश में अशांति फैलाने या 9 मई 2023 जैसी स्थिति बनाने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा.

Pakistan Army issues warning ahead of Imran Khan party protest
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Asim munir warn Imran khan: पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रस्तावित प्रदर्शन और इस्लामाबाद मार्च से पहले सेना ने कड़ा संदेश दिया है. पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग ISPR के मुताबिक, सेना की शीर्ष कमान ने कहा है कि देश में अशांति फैलाने या 9 मई 2023 जैसी स्थिति बनाने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा.

यह चेतावनी 2 अक्टूबर को रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में हुई 277वीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में दी गई. बैठक की अध्यक्षता सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने की. ISPR ने कहा कि सेना ने आंतरिक स्थिरता को जरूरी बताते हुए ऐसी किसी भी कोशिश के खिलाफ ‘निर्णायक कार्रवाई’ और कानून के मुताबिक कदम उठाने की बात कही है.

PTI के मार्च से पहले सेना का कड़ा संदेश

इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर PTI समर्थक इस्लामाबाद की ओर मार्च की तैयारी कर रहे हैं. ऐसे समय में सेना की ओर से यह बयान सामने आया है. रिपोर्टों के मुताबिक, PTI का मार्च 4 अक्टूबर को प्रस्तावित है और इससे पहले सरकार ने भी राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई है.

हालांकि, सेना के आधिकारिक बयान में PTI का नाम सीधे नहीं लिया गया. ISPR ने किसी भी तरह की अशांति या 9 मई जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश के खिलाफ चेतावनी दी है.

क्या हुआ था 9 मई 2023 को?

9 मई 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे. इस दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं. प्रदर्शनकारियों ने कुछ सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया था. सेना अब इसी घटना का हवाला देकर किसी भी ऐसी स्थिति को दोबारा होने से रोकने की बात कह रही है.

सेना की बैठक में कहा गया कि देश में आंतरिक स्थिरता बनाए रखना जरूरी है और किसी भी तरह की अशांति को कानून के मुताबिक निर्णायक तरीके से रोका जाएगा. साथ ही सेना ने अपनी ऑपरेशनल तैयारी को उच्च स्तर पर बनाए रखने की बात भी कही.

अफगानिस्तान से आतंकवाद पर भी सेना का बयान

कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में अफगानिस्तान से जुड़े सुरक्षा मुद्दे पर भी चर्चा हुई. पाकिस्तानी सेना ने कहा कि अफगानिस्तान से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ लक्षित कार्रवाई को वह आत्मरक्षा का अधिकार मानती है. ISPR के मुताबिक, सेना ने आतंकवाद से निपटने के लिए खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए जा रहे अभियानों को जारी रखने पर जोर दिया.

पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की तालिबान नेतृत्व पर भी आरोप लगाए और कहा कि आतंकवाद को लेकर पैदा होने वाली स्थिति के लिए वही जिम्मेदार होगा. यह पाकिस्तान सेना का दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं की गई है.

मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत

बैठक में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का भी स्वागत किया गया. सेना ने कहा कि यह समझौता तीनों देशों के पुराने रणनीतिक और रक्षा संबंधों को और मजबूत करने में योगदान देगा.

सेना ने सऊदी अरब पर हूती हमलों की निंदा करते हुए सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई और वहां के पवित्र स्थलों की सुरक्षा के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई.

कश्मीर पर भी दोहराया पाकिस्तान का रुख

कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में कश्मीर मुद्दे पर भी पाकिस्तान के पुराने रुख को दोहराया गया. सेना ने कहा कि कश्मीर विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार होना चाहिए.

बैठक के अंत में असीम मुनीर ने सेना की तैयारियों और खुफिया अभियानों को मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने आधुनिक तकनीक, बेहतर ट्रेनिंग और अलग-अलग सैन्य क्षमताओं के बेहतर इस्तेमाल के जरिए रक्षा क्षमता बढ़ाने की बात कही.

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