वंदे भारत की रफ्तार ने बनाया नया रिकॉर्ड, दुनिया के सबसे ऊंचे ब्रिज पर 100 की स्पीड से दौड़ी ट्रेन

भारतीय रेलवे ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वंदे भारत एक्सप्रेस ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज चिनाब रेलवे ब्रिज और भारत के पहले केबल-स्टे रेलवे ब्रिज अंजी पुल को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पार किया.

Vande Bharat at 100 kmph on the worlds highest Chenab Bridge Video
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Vande Bharat: भारतीय रेलवे ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वंदे भारत एक्सप्रेस ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज चिनाब रेलवे ब्रिज और भारत के पहले केबल-स्टे रेलवे ब्रिज अंजी पुल को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पार किया. रेलवे के मुताबिक, इससे उधमपुर-श्रीनगर-बनिहाल रेल लिंक (USBRL) पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और यात्रियों का सफर पहले के मुकाबले तेज और आरामदायक होगा.

रेलवे ने श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल के 111 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर ट्रेन की अधिकतम स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी है. इसी बढ़ी हुई स्पीड का सफल ट्रायल किया गया. वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 26401/26404 ने 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चिनाब और अंजी पुल को पार किया. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस ट्रायल का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया.

चिनाब ब्रिज की खासियत

कटरा-बनिहाल रेल सेक्शन 272 किलोमीटर लंबे USBRL प्रोजेक्ट का हिस्सा है. इस पूरे रेल लिंक को जून 2025 में शुरू किया गया था. चिनाब रेलवे ब्रिज नदी के तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है और इसकी लंबाई 1,315 मीटर है. वहीं अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे ब्रिज है, जो अंजी नदी की घाटी के ऊपर बनाया गया है और कटरा-बनिहाल रेल रूट पर स्थित है.

इस रेल रूट पर देश की सबसे लंबी ऑपरेशनल ट्रांसपोर्टेशन टनल भी है. इसकी लंबाई 12.77 किलोमीटर है.

जम्मू तक बढ़ाई गई वंदे भारत सेवा

जून 2025 में कश्मीर रेल लिंक का काम पूरा होने के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस को शुरुआत में कटरा और श्रीनगर के बीच चलाया गया था. अप्रैल 2026 में इसकी सेवा जम्मू तवी तक बढ़ा दी गई. इसी दौरान ट्रेन में कोच की संख्या भी 8 से बढ़ाकर 20 कर दी गई. रेल मंत्रालय के अनुसार, जम्मू और श्रीनगर के बीच नियमित सेवा 2 मई से शुरू हुई.

रेल मंत्रालय ने अगस्त में बताया था कि देश के करीब 81 फीसदी रेलवे नेटवर्क को अब 110 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे ज्यादा की रफ्तार वाली ट्रेनों के लिए अपग्रेड किया जा चुका है. साल 2014 में यह आंकड़ा करीब 40 फीसदी था.