सुजानगढ़: ग्रैमी विजेता व पर्यावरण संरक्षण पर आधारित संगीत के लिए प्रसिद्ध संगीतकार, पद्मश्री रिकी केज आज काले हिरणों के लिए प्रसिद्ध तालछापर अभ्यारण्य पहुंचे. रिकी केज ने अभ्यारण्य का भ्रमण किया. संगीतकार रिकी केज को तालछापर अभ्यारण्य पहुंचने पर सहायक वन संरक्षक क्रांति सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी व पक्षी विशेषज्ञ उमेश बागोतिया ने बारीकी से अभ्यारण्य व हिरणों से जुड़ी जानकारी दी.
मीडिया से वार्ता करते हुए रिकी केज ने कहा कि मैं राजस्थानी हूं, राजस्थान में आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. तालछापर अभ्यारण्य में आकर मुझे बहुत अच्छा लगा है. साथ ही उन्होंने कहा कि काले हिरणों का संरक्षण करने की जरूरत है.
रेकी कीज ने कहा कि काले हिरणों की रक्षा हुई तो इंसानों की भी रक्षा होगी. उन्होंने कहा कि उन्होंने राजस्थान के वन विभाग द्वारा हिरणों व अभ्यारण्य के लिए किए जा रहे सकारात्मक प्रयास को सराहा.
पद्मश्री व इंटरनेशनल संगीतकार रिकी केज ने साथ में यह भी कहा कि उनका संगीत पर्यावरण से जुड़ा हुआ ही होता है. पर्यावरण मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण है. रिकी केज ने कहा कि प्रकृति की ध्वनियों से ही संगीत की उत्पति हुई थी. आपको बता दे कि संगीतकार रिकी केज UNCCD के सदस्य भी हैं.
रिपोर्ट - तनुज लाटा
ये भी पढ़ें: अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी की चार्जशीट, इन 14 मुद्दों को किया उजागर, जानें पूरा मामला