जितिया से छठ तक… अक्टूबर-नवंबर में सुहागिन महिलाओं के लिए आएंगे ये खास व्रत, अभी नोट कर लें तारीख

Vrat For Women 2026: अक्टूबर-नवंबर 2026 में सुहागिन महिलाओं और माताओं के लिए कई महत्वपूर्ण व्रत आने वाले हैं. जितिया, करवा चौथ, अहोई अष्टमी से लेकर छठ पूजा तक, इन पर्वों पर पति की दीर्घायु, संतान की खुशहाली और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है.

October November 2026 Fasts Festivals For Married Women
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Vrat For Women 2026: अक्टूबर और नवंबर का समय त्योहारों के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है. दशहरा और दिवाली जैसे बड़े पर्वों के साथ इन दो महीनों में सुहागिन महिलाओं और माताओं के लिए कई महत्वपूर्ण व्रत भी पड़ेंगे. इन व्रतों में संतान की लंबी उम्र, पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली की कामना की जाती है. आइए जानते हैं अक्टूबर-नवंबर 2026 में कौन-कौन से प्रमुख व्रत रखे जाएंगे और उनका महत्व क्या है.

जितिया व्रत 2026

संतान की लंबी उम्र और उसके सुखी एवं स्वस्थ जीवन की कामना से रखा जाने वाला जितिया व्रत इस साल 3 अक्टूबर, शनिवार को मनाया जाएगा. इसे जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन माताएं अपनी संतान की सलामती और उज्ज्वल भविष्य के लिए निर्जला उपवास करती हैं. व्रत के दौरान जितिया व्रत की पूजा और कथा का विशेष महत्व माना जाता है.

करवा चौथ 2026

सुहागिन महिलाओं के सबसे प्रमुख व्रतों में शामिल करवा चौथ इस साल 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा. यह व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना से पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं. शाम को करवा माता की पूजा करने के बाद चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है. पंचांग के अनुसार, इस दिन चंद्रोदय रात 8:17 बजे होने की जानकारी दी गई है.

अहोई अष्टमी 2026

अहोई अष्टमी का व्रत भी संतान की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना से रखा जाता है. इस दिन महिलाएं अहोई माता की पूजा करती हैं और पूरे दिन उपवास रखने के बाद व्रत कथा सुनती हैं. कई जगहों पर तारों के दर्शन के बाद व्रत खोलने की परंपरा है. हालांकि, व्रत और पूजा के नियम क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं.

छठ पूजा 2026

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा नवंबर में चार दिनों तक मनाया जाएगा. इस पर्व की शुरुआत 13 नवंबर 2026 को नहाय-खाय के साथ होगी. इसके अगले दिन 14 नवंबर को खरना किया जाएगा. 15 नवंबर को छठ पूजा का संध्या अर्घ्य होगा, जिसमें व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा करते हैं. इसके बाद 16 नवंबर को उगते सूर्य को उषा अर्घ्य दिया जाएगा. सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद व्रती पारण करते हैं और इसी के साथ चार दिवसीय छठ पर्व का समापन होता है

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