दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल ने व्यापक तैयारियाँ की हैं. रेलयात्रा को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष ट्रेनों से लेकर स्टेशन स्तर पर खास इंतज़ाम किए गए हैं.
52 स्पेशल ट्रेनें और अस्थायी विस्तार
त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या में ज़बरदस्त उछाल देखा जाता है. इस मांग को पूरा करने के लिए रेलवे ने 52 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है. ये ट्रेनें विशेष रूप से बिहार, हावड़ा, लखनऊ, दिल्ली, जयपुर, भोपाल और उदयपुर जैसे बड़े शहरों के लिए चलाई जा रही हैं. सिर्फ स्पेशल ट्रेनें ही नहीं, बल्कि चार मौजूदा ट्रेनों के संचालन क्षेत्र में भी अस्थायी विस्तार किया गया है. जैसे कि, नई दिल्ली-आगरा कैंट इंटरसिटी एक्सप्रेस को 16 से 30 अक्टूबर तक ग्वालियर तक चलाया जा रहा है, जिससे ग्वालियर के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा.
मेमो ट्रेनों का रूट भी बढ़ाया गया
यात्रियों की बढ़ती ज़रूरतों को देखते हुए इटावा-आगरा कैंट मेमो और आगरा कैंट-झांसी मेमो ट्रेनों को अब मथुरा तक विस्तारित किया गया है. इससे मथुरा, वृंदावन और आस-पास के इलाकों के यात्रियों को कनेक्टिविटी में बड़ा लाभ मिलेगा. रेलवे ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि आवश्यकता हुई, तो और भी विशेष ट्रेनें चलाई जा सकती हैं.
स्टेशन स्तर पर विशेष तैयारियां
त्योहारों के दौरान आगरा जंक्शन पर यात्रियों की संख्या 60 हजार प्रतिदिन से पार कर जाती है, जिसे संभालने के लिए स्टेशन परिसर में 540 वर्गफुट का अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाया गया है. यात्री इस क्षेत्र में आराम से बैठकर अपनी ट्रेन का इंतजार कर सकेंगे. इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सहायता के लिए एक 24x7 सहायता केंद्र की भी स्थापना की गई है, जहाँ उन्हें आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन मिल सकेगा.
सुरक्षा और सुविधा दोनों पर बराबर ध्यान
त्योहारी भीड़ में सुरक्षा सबसे बड़ा विषय होता है. इसलिए रेलवे ने स्टेशनों पर अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती, भीड़ प्रबंधन की विशेष योजना, और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है. रेलवे का लक्ष्य है कि कोई भी यात्री अपने घर जाने से वंचित न रह जाए. इसके लिए ट्रेन संचालन, प्लेटफॉर्म प्रबंधन और सहायता सेवाओं को बेहतर तरीके से समन्वित किया जा रहा है.
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