नोएडा प्रशासन ने क्रिसमस और नववर्ष के दौरान होने वाले आयोजनों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं. डीएम मेधा रूपम ने बिना पूर्व अनुमति किसी भी पार्टी या सार्वजनिक कार्यक्रम पर कड़ी रोक लगा दी है. यह निर्णय सुरक्षा की चिंताओं, भीड़ नियंत्रण और पिछले वर्षों में सामने आई अव्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. प्रशासन ने आयोजकों से अनुरोध किया है कि वे अपनी कार्यक्रमों के लिए पहले से अनुमति प्राप्त करें, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
कार्यक्रमों के लिए अनुमति अनिवार्य
जिलाधिकारी के द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, नोएडा के सभी सार्वजनिक स्थल जैसे होटल, पब, रेस्टोरेंट, क्लब, पार्क, मैरिज लॉन, फार्म हाउस आदि पर किसी भी प्रकार का मनोरंजन कार्यक्रम बिना प्रशासन की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा. बिना अनुमति के आयोजित किसी भी कार्यक्रम को मौके पर ही रोक दिया जाएगा और आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
ऑनलाइन आवेदन की सरल प्रक्रिया
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयोजकों के लिए अनुमति प्राप्त करना अब और भी आसान हो गया है. किसी भी आयोजन के लिए अब उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे. इसके लिए "निवेश मित्र" पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. संबंधित विभाग आवेदन की जांच करने के बाद आयोजन की अनुमति देंगे. इस प्रक्रिया का उद्देश्य आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करना है.
विशेष सुरक्षा टीमें तैनात
क्रिसमस और न्यू ईयर के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने जिले भर में विशेष सुरक्षा टीमें गठित की हैं. ये टीमें लगातार गश्त और निरीक्षण करेंगी. अगर किसी स्थान पर बिना अनुमति पार्टी, डीजे, झूला, मेला या अन्य मनोरंजन गतिविधियां चलती पाई जाती हैं, तो उन्हें तुरंत बंद कर दिया जाएगा. इसके साथ ही आयोजकों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि बड़े आयोजनों के दौरान आग लगने, भगदड़ मचने, अव्यवस्था और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. इसी कारण प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि आयोजकों को अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, कानून व्यवस्था और लोक व्यवस्था से जुड़े सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा.
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान
डीएम ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी आयोजन स्थल पर बिजली की फिटिंग, वातानुकूलन प्रणाली, फायर सेफ्टी उपकरण और आपातकालीन निकास की व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए. इन व्यवस्थाओं से संबंधित सभी प्रमाण पत्र संबंधित विभागों से प्राप्त कर प्रशासन को सौंपे जाने होंगे.
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