कागज पर लिखने को तैयार...यूरोप पर हमले को लेकर ऐसा क्या बोले पुतिन?

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच जहां अमेरिका और यूरोप शांति बहाल करने के लिए नए-नए दबाव की रणनीतियों पर काम कर रहे हैं, वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.

No attack on europe putin is ready to stop war
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रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच जहां अमेरिका और यूरोप शांति बहाल करने के लिए नए-नए दबाव की रणनीतियों पर काम कर रहे हैं, वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जबकि यूरोप रूस से पीछे हटने की मांग कर रहा है. इस कूटनीतिक हलचल के बीच यूरोप और रूस के रिश्ते बेहद तल्ख होते जा रहे थे. चर्चा यहां तक थी कि पुतिन यूरोप को लेकर कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं.

लेकिन इन अटकलों पर विराम लगाते हुए पुतिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यूरोप पर हमला करने की रूस की कभी कोई योजना नहीं रही. किर्गिस्तान दौरे पर पहुंचे पुतिन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह इस बात की लिखित गारंटी तक देने को तैयार हैं कि रूस न तो नाटो पर और न ही किसी यूरोपीय देश पर हमला करेगा.

हम यूरोप पर हमला नहीं करेंगे, यह लिखकर देने को तैयार

पुतिन ने यूरोपीय नेताओं के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यूरोप रूस से किसी हमले का डर फैलाकर अपनी जनता के बीच भ्रम पैदा कर रहा है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि शायद यह हथियार बनाने वाली कंपनियों को खुश करने का तरीका है. पुतिन बोले, “हमारी ओर से यूरोप के खिलाफ किसी तरह की आक्रामक योजना न पहले थी और न अब है. यह सब झूठ है. कौन लोग ये अफवाहें फैला रहे हैं? वही जो डर का माहौल बनाकर अपनी रेटिंग बढ़ाते हैं और हथियार उद्योग के हित साधते हैं. अगर यूरोपीय देशों को इतनी चिंता है, तो हम कागज पर लिखकर भी दे सकते हैं कि रूस यूरोप पर हमला नहीं करेगा.”

ट्रंप के ‘28 प्वॉइंट पीस प्लान’ पर पुतिन की प्रतिक्रिया

दरअसल पुतिन का यह बयान तब आया जब एक पत्रकार ने उनसे ट्रंप के 28 सूत्रीय शांति प्रस्ताव का जिक्र किया. इस प्लान में रूस से “No Attack on Europe” की लिखित गारंटी मांगी गई है. पुतिन ने इसे “हास्यास्पद” बताते हुए कहा, हमें इस तरह की कोई क्लॉज देने की जरूरत ही क्यों पड़े? यूरोप पर हमला करने का विचार भी हमारे मन में नहीं आता. यह पूरी कहानी झूठ और भ्रम पर आधारित है, जिसे उन लोगों ने फैलाया है जो अपने फायदे के लिए जनता को डराते हैं.

यूक्रेन युद्ध: पुतिन ने स्पष्ट कर दी रूस की शर्तें

रूस–यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन ने दो टूक कहा कि क्रीमिया और पूर्वी क्षेत्रों—दोनेत्स्क और लुहांस्क—पर वे कोई समझौता नहीं करेंगे. इन इलाकों को लेकर रूस किसी भी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है. उन्होंने कहा, हम शांति चाहते हैं, लेकिन इसके लिए नाटो का विस्तार रुकना चाहिए और यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई बंद होनी चाहिए. अगर यूक्रेन की सेना मोर्चे से पीछे हटती है, तो हम भी हथियार रख देंगे. लेकिन अगर वह पीछे नहीं हटती, तो रूस सैन्य रूप से जीत हासिल करेगा.

मौजूदा हालात क्या संकेत देते हैं?

पुतिन के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि यूरोप पर हमले की बातें रूस के नजरिए में सिर्फ राजनीतिक शोर हैं. हालांकि यूक्रेन युद्ध पर उनकी सख्त शर्तें यह भी दिखाती हैं कि मोर्चे पर टकराव अभी खत्म होने वाला नहीं है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप का शांति प्रस्ताव आगे बढ़ता है या हालात एक बार फिर तनाव के नए मोड़ पर पहुंचते हैं.

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