Jagdeep Dhankhar Resign: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार देर शाम अचानक अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजी गई चिट्ठी में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ने की बात कही. उन्होंने लिखा कि अब वे अपने स्वास्थ्य और देखभाल को प्राथमिकता देना चाहते हैं, इसलिए उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं. धनखड़ का यह फैसला उनके कार्यकाल के बीच में आया है, जिससे देशभर में चर्चा शुरू हो गई है कि अब अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा और इस संवैधानिक पद के लिए चुनाव कैसे होते हैं.
कैसे होता है उपराष्ट्रपति का चुनाव?
1. कौन डालते हैं वोट?
उपराष्ट्रपति चुनाव में देश के केवल सांसद ही मतदान करते हैं. इनमें शामिल होते हैं:
लोकसभा के सभी 543 सदस्य
राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य
राज्यसभा के 12 मनोनीत सदस्य
यानी कुल 788 सांसद इस चुनाव में हिस्सा लेते हैं. चुनाव की तारीखें चुनाव आयोग घोषित करता है और उसी समय मौजूदा सांसदों की गिनती तय होती है.
2. वोटिंग की प्रक्रिया कैसी होती है?
यह चुनाव सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम के जरिए होता है. इसमें मतदाता बैलट पेपर पर अपनी वरीयता (प्राथमिकता) तय करता है, जैसे कि पहले किसे वोट देना चाहता है, फिर दूसरे को, फिर तीसरे को… और ऐसे ही आगे. मतदाता को रोमन अंकों (I, II, III...) में अपनी पसंद दर्ज करनी होती है और वह भी चुनाव आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए विशेष पेन से ही.
गिनती कैसे होती है?
गिनती एक खास प्रक्रिया के तहत होती है:
सबसे पहले देखा जाता है कि किस उम्मीदवार को पहली प्राथमिकता में कितने वोट मिले. फिर इन वोटों को जोड़कर एक कोटा निकाला जाता है, यानि वह न्यूनतम संख्या जो किसी को जीतने के लिए चाहिए. अगर कोई उम्मीदवार पहले ही राउंड में इस कोटे को हासिल कर लेता है, तो वह सीधे जीत जाता है. अगर नहीं, तो सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवार को बाहर कर दिया जाता है और उसके वोटों की दूसरी प्राथमिकता देखी जाती है और ये वोट दूसरे उम्मीदवारों को ट्रांसफर कर दिए जाते हैं. यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक कोई उम्मीदवार उस तय कोटे को हासिल नहीं कर लेता.
कौन बन सकता है उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार?
उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन भरने वाले व्यक्ति को:
कम से कम 20 सांसदों का समर्थन (प्रस्तावक)
कम से कम 20 अन्य सांसदों की मंज़ूरी (समर्थक)
और ₹15,000 की जमानत राशि जमा करनी होती है.
निर्वाचन अधिकारी नामांकन पत्रों की जांच करता है और योग्य उम्मीदवारों की सूची चुनाव के लिए जारी करता है.
उपराष्ट्रपति की जिम्मेदारियां क्या होती हैं?
उपराष्ट्रपति की प्रमुख भूमिका राज्यसभा के सभापति के रूप में होती है. इसके अलावा, यदि राष्ट्रपति का पद किसी कारणवश खाली हो जाए, तो उपराष्ट्रपति ही कार्यवाहक राष्ट्रपति की भूमिका निभाते हैं. देश के प्रोटोकॉल में उपराष्ट्रपति की रैंकिंग राष्ट्रपति के बाद और प्रधानमंत्री से पहले होती है.
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में क्या फर्क है?
राष्ट्रपति चुनाव में सांसदों के साथ-साथ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के विधायक भी वोट देते हैं. लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ सांसद ही मतदान करते हैं. खास बात यह है कि राष्ट्रपति चुनाव में मनोनीत सांसद वोट नहीं दे सकते, लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में दे सकते हैं.
अब क्या आगे होगा?
धनखड़ के इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग जल्द ही नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा. राजनीतिक गलियारों में संभावित उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा तेज हो चुकी है, और संसद में एक बार फिर वोटिंग के जरिए लोकतंत्र का यह महत्वपूर्ण अध्याय लिखा जाएगा.
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