NTA Denies Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की भ्रामक जानकारियां फैलने लगी हैं. परीक्षा से पहले कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जा रहा था कि री-एग्जाम का प्रश्नपत्र लीक हो चुका है या फिर पैसे देकर खरीदा जा सकता है. इन दावों के तेजी से फैलने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक तौर पर सामने आकर इन सभी खबरों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है.
NTA ने स्पष्ट किया है कि कुछ असामाजिक तत्व छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं का फायदा उठाकर उन्हें धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं. एजेंसी ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की शंका की जरूरत नहीं है क्योंकि पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी में संचालित की जा रही है.
परीक्षा की निष्पक्षता पर NTA का बड़ा बयान
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के माध्यम से जारी बयान में कहा कि, ''इस तरह की अफवाह फैलाना संगठित नकल गिरोहों का काम है जो स्टूडेंट्स और उनके परिवारों की चिंताओं का लाभ उठाते हैं. उनका मकसद फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर पैसे वसूलना है. इस प्रकार के सभी दावे मनगढ़ंत हैं.''
The National Testing Agency (NTA) has noted certain messages circulating on social media and messaging platforms claiming a "leak," advance access, or "sale" of the NEET (UG) 2026 re-examination question paper.
— National Testing Agency (@NTA_Exams) June 6, 2026
These claims are false, fraudulent, and intended to mislead.
Such…
फर्जी कंटेंट फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
NTA ने यह भी बताया कि वह सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रूप से निगरानी कर रही है. जिन चैनलों, अकाउंट्स या समूहों द्वारा फर्जी दावे फैलाए जा रहे हैं, उनकी पहचान की जा रही है और संबंधित प्लेटफॉर्म्स को उन्हें हटाने के लिए सूचित किया जा रहा है.
इसके साथ ही साइबर अपराध एजेंसियों और कानून प्रवर्तन संस्थाओं को भी मामले की जानकारी दी जा रही है. NTA का कहना है कि परीक्षा से जुड़ी झूठी जानकारी तैयार करना, उसका प्रचार करना या उसे आगे प्रसारित करना कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
छात्रों और अभिभावकों को दी गई विशेष सलाह
एजेंसी ने छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत स्रोत पर भरोसा न करें. यदि कोई व्यक्ति या समूह परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने या परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी देने का दावा करता है, तो उससे तुरंत दूरी बनाएं. NTA ने यह भी कहा कि ऐसे किसी भी संदेश को आगे फॉरवर्ड न करें और न ही किसी प्रकार का भुगतान करें. इस तरह के फर्जी दावे केवल छात्रों को ठगने और भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाए जाते हैं.
21 जून को आयोजित होगा NEET UG री-एग्जाम
गौरतलब है कि NEET UG री-एग्जाम का आयोजन 21 जून को किया जाएगा. इससे पहले 3 मई को आयोजित परीक्षा को कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था. परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्रों के भविष्य को देखते हुए सरकार ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया. अब री-एग्जाम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और NTA यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो.
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