26 हजार पुलिस भर्ती से लेकर घुसपैठ पर सख्त तक... पश्चिम बंगाल विधानसभा में CM शुभेंदु अधिकारी के बड़े ऐलान

CM Suvendu Adhikari Speech: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में कई अहम घोषणाएं कीं. उन्होंने पुलिस भर्ती, भ्रष्टाचार के मामलों की जांच, घुसपैठ, सरकारी कामकाज की भाषा और हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे समेत कई मुद्दों पर सरकार का रुख साफ किया.

recruitment of 26,000 police personnel Suvendu Adhikari makes major announcements in the West Bengal Assembly
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CM Suvendu Adhikari Speech: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में कई अहम घोषणाएं कीं. उन्होंने पुलिस भर्ती, भ्रष्टाचार के मामलों की जांच, घुसपैठ, सरकारी कामकाज की भाषा और हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे समेत कई मुद्दों पर सरकार का रुख साफ किया.

25 जुलाई को पेश होंगी CAG की लंबित रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जुलाई को विधानसभा में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की सभी लंबित रिपोर्ट पेश की जाएंगी. उन्होंने कहा कि जिन मामलों में ऑडिट के दौरान भ्रष्टाचार के सबूत मिलेंगे, उनमें कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

अगली बैठक में होगी रिपोर्ट पर चर्चा

मुख्यमंत्री के अनुसार, CAG रिपोर्ट पर विधानसभा के अगले सत्र में विस्तार से चर्चा की जाएगी. इसके बाद रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

26 हजार पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती

सरकार ने राज्य में 26 हजार पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती का भी ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें से 16 हजार नियुक्तियां दुर्गा पूजा से पहले पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है.

घुसपैठ पर सरकार का रुख

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शरण लेने वाले लोगों का स्वागत करेगी, लेकिन अवैध घुसपैठ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार ही इस मामले में कदम उठाए जाएंगे.

हादसों में जान गंवाने वालों के परिवारों को मदद

हाल ही में हुए नौका हादसे और सिक्किम की निर्माणाधीन सुरंग में जान गंवाने वाले पश्चिम बंगाल के लोगों के परिवारों को सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को 'नागरिक स्वयंसेवक' के रूप में नौकरी देने की भी घोषणा की गई है.

सरकारी दफ्तरों में बंगाली होगी अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 सितंबर से राज्य के सभी सरकारी विभागों में बंगाली भाषा का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा. उन्होंने बताया कि भूमि सुधार विभाग से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक सरकारी कामकाज बंगाली भाषा में किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य प्रशासन में मातृभाषा के उपयोग को बढ़ावा देना है.

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