World Athletics Championship 2025: भारत के गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से दुनिया को चौंका दिया है. जापान में हो रही वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में उन्होंने क्वालीफिकेशन राउंड के पहले ही थ्रो में फाइनल में जगह बना ली. नीरज ने 84.85 मीटर दूर भाला फेंकते हुए यह उपलब्धि हासिल की और अब वे अपने खिताब का बचाव करने फाइनल में उतरेंगे.
डिफेंडिंग चैंपियन नीरज
नीरज चोपड़ा इस चैंपियनशिप में डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं. उन्होंने 2023 में बुडापेस्ट में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. इस बार भी उनसे गोल्ड की ही उम्मीद की जा रही है और उन्होंने शुरुआत से ही बता दिया है कि वे इस ट्रॉफी को इतनी आसानी से जाने नहीं देंगे.
एक बार में क्वालीफाई करने की परंपरा
नीरज ने लगातार पांचवीं ग्लोबल चैंपियनशिप में सिर्फ एक ही प्रयास में क्वालीफाई करने का कारनामा दोहराया है. इससे पहले वे 2021 ओलंपिक, 2022 वर्ल्ड्स, 2023 वर्ल्ड्स और 2024 ओलंपिक में भी इसी तरह पहले थ्रो में फाइनल में पहुंचे थे. यह उनकी क्लास और कंसिस्टेंसी को दर्शाता है.
सचिन यादव भी फाइनल में
नीरज के साथ-साथ भारत के सचिन यादव ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 83.67 मीटर थ्रो के साथ फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया. सचिन ने हाल ही में मई 2025 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था, जहां वे पाकिस्तानी एथलीट अरशद नदीम के बाद दूसरे स्थान पर रहे थे.
ग्रुप A के टॉप थ्रोअर्स
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के क्वालीफिकेशन राउंड के ग्रुप A में जूलियन वेबर (जर्मनी) 87.21 मीटर थ्रो के साथ टॉप पर रहे. उनके बाद डेविड वेगनर (पोलैंड) 85.67 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे और नीरज चोपड़ा तीसरे स्थान पर रहे.
फाइनल में क्वालीफाई करने वाले टॉप-12 एथलीटों की सूची
नीरज बनाम नदीम
फाइनल मुकाबले में नीरज चोपड़ा को सबसे बड़ी चुनौती देने वाला नाम पाकिस्तान के अरशद नदीम का होगा. पिछली बार पेरिस ओलंपिक 2024 में नदीम ने 92.97 मीटर थ्रो कर गोल्ड जीता था, जबकि नीरज को 89.45 मीटर के साथ सिल्वर से संतोष करना पड़ा था. इस बार नीरज के पास बदला लेने का और इतिहास दोहराने का मौका है. अब सबकी निगाहें टिकी हैं वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के फाइनल मुकाबले पर, जहां नीरज चोपड़ा एक बार फिर सोने पर निशाना साधेंगे. उनका आत्मविश्वास, अनुभव और निरंतरता यह साफ दिखा रहे हैं कि इस बार भी गोल्ड इंडिया के नाम हो सकता है.