नई दिल्ली: संविधान सपोर्ट ग्रुप, जिसमें राष्ट्रीय युवा पुरस्कार और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) पुरस्कार प्राप्त युवा शामिल हैं, ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के समर्थन में अपने अभियान का तीसरा चरण शुरू कर दिया है. इस चरण में देशभर में जागरूकता बढ़ाने और लोगों से समर्थन जुटाने पर जोर दिया गया.
23 जुलाई 2025 को समूह के पुरस्कार विजेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें बताया गया कि अलग-अलग चुनाव कराने में हर साल सरकार को हज़ारों करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि 1967 तक ‘एक देश, एक चुनाव’ व्यवस्था देश में लागू थी. उन्होंने सवाल उठाया कि इसे दोबारा लागू करने में अब तक इतनी देरी क्यों हो रही है.
राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा समर्थन पत्र
युवाओं ने यह भी कहा कि बार-बार चुनाव कराने से समय, सरकारी संसाधन और जनता का पैसा बेवजह खर्च होता है. उन्होंने इस पर तुरंत कदम उठाने की अपील की. इस चरण में देशभर के 112 राष्ट्रीय युवा एवं एनएनएस अवॉर्ड से सम्मानित युवाओं ने महामहिम राष्ट्रपति को अपने हस्ताक्षर किए हुए पत्र संविधान सपोर्ट ग्रुप के द्वारा देकर, इस ऐतिहासिक सुधार को अपना समर्थन दिया. इससे पूर्व 12 अगस्त 2025 को इन हस्ताक्षर किए हुए पत्रों की प्रतियां संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी गईं.
अभियान के पहले चरण में, संविधान सपोर्ट ग्रुप ने 170 से अधिक सांसदों से मुलाकात कर सभी दलों से समर्थन जुटाया. दूसरे चरण में, 26 मार्च 2025 को जंतर-मंतर पर 1,000 से ज्यादा युवाओं के साथ शांतिपूर्ण धरना और भूख हड़ताल की गई. 27 मार्च 2025 को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च में 800 से अधिक युवा शामिल हुए. यह आंदोलन, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता युवाओं और युवा नेताओं द्वारा चलाया जा रहा है, जो लोकतंत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और देश के लिए एकजुट और बेहतर चुनाव व्यवस्था की दिशा में उनके योगदान को दर्शाता है.
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