'अब बहुत हो गया, हमारे पास ब्रह्मोस मिसाइल...' शहबाज शरीफ की धमकियों पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी

भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराना सिंधु जल समझौता एक बार फिर से राजनीतिक और कूटनीतिक बहस का विषय बन गया है.

Asaduddin Owaisi got angry on Shahbaz Sharif threat
प्रतिकात्मक तस्वीर/ Sociel Media

भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराना सिंधु जल समझौता एक बार फिर से राजनीतिक और कूटनीतिक बहस का विषय बन गया है. 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई यह संधि इस क्षेत्र में जल बंटवारे की सबसे महत्वपूर्ण संधियों में से एक मानी जाती है. लेकिन हाल के दिनों में भारत द्वारा इस संधि को स्थगित करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद पाकिस्तान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी भरे स्वर में कहा कि "भारत पाकिस्तान से पानी की एक बूंद भी नहीं छीन सकता". उन्होंने इस बयान में यह भी जोड़ा कि यदि भारत ने पानी रोकने की कोशिश की, तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा.

ओवैसी ने दी तीखी प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के इस बयान पर भारत के राजनीतिक गलियारों में भी प्रतिक्रिया आई है. हैदराबाद से लोकसभा सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की टिप्पणी पर सख्त ऐतराज़ जताते हुए कहा कि "बकवास मत करो, हमारे पास ब्रह्मोस है." यह बयान उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान की ओर से बार-बार भारत को दी जा रही धमकियों की निंदा की.

ओवैसी ने आगे कहा, "अब बहुत हो गया. भारत पर इस तरह की धमकियों का कोई असर नहीं होगा. हम एक संप्रभु राष्ट्र हैं और हमारी रक्षा क्षमताएं किसी भी तरह की आक्रामकता से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं."

क्रिकेट को लेकर भी जताई नाराजगी

ओवैसी ने भारत और पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित क्रिकेट मैचों पर भी अपनी राय जाहिर की. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले किसी भी मैच को देखने नहीं जाएंगे. उन्होंने सवाल किया, "हमें उस देश के साथ क्रिकेट क्यों खेलना चाहिए जो हर दिन हमें धमकियां देता है? मेरी अंतरात्मा इसकी अनुमति नहीं देती."

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के जरिए डिप्लोमैसी को फिर से बहाल करने की बातें हो रही हैं. हालांकि, ओवैसी जैसे नेताओं की टिप्पणियां यह दर्शाती हैं कि केवल खेल के स्तर पर संबंधों को सामान्य करना इतनी सहज प्रक्रिया नहीं है.

आतंकी हमले के बाद भारत का रुख सख्त

भारत ने सिंधु जल समझौते को स्थगित करने का निर्णय उस आतंकी हमले के ठीक एक दिन बाद लिया, जो 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुआ था. इस हमले में भारतीय सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया था और भारत ने इसके लिए पाकिस्तान-समर्थित आतंकी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया था.

इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई रणनीतिक कदम उठाए, जिनमें सिंधु जल संधि की समीक्षा और कुछ हिस्सों को स्थगित करना भी शामिल था. यह भारत द्वारा पाकिस्तान को एक स्पष्ट संकेत था कि यदि आतंकवाद नहीं रोका गया, तो पारंपरिक कूटनीतिक समझौते भी पुनर्विचार के दायरे में आ सकते हैं.

अमेरिकी टैरिफ पर भी बोले ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के मुद्दे पर भी टिप्पणी की. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा, "अमेरिका को तय करना होगा कि वह उस देश के साथ व्यापार करेगा जहां आतंकवाद को संरक्षित किया जाता है या भारत के साथ, जो उसका रणनीतिक साझेदार रहा है."

ओवैसी ने सवाल उठाया कि ट्रंप को यह अधिकार किसने दिया कि वे भारत को यह निर्देश दें कि वह कहां से तेल खरीदे. उन्होंने इस विषय पर मोदी सरकार की चुप्पी की आलोचना करते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय के एक औपचारिक बयान के अलावा सरकार की ओर से कोई ठोस राजनीतिक रुख सामने नहीं आया.

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