National Doctors' Day 2023: डॉक्टर वो है जिसके पास जाने से हर किसी को खुशी मिलती है. हर कोई अपनी परेशानी लेकर डॉक्टर के पास जाता है और ठीक होकर खुशी-खुशी वापस लौटता है. ये एक ऐसा पेशा है , जिसमें कड़ी मेहनत और समर्पण ही काम आता है. ऐसे में डॉक्टरों को सम्मान देने के लिए हर साल 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे (National Doctor Day 1 July) मनाया जाता है. आज हम आपको बताएंगे इस दिन की शुरूआत कब और कैसे हुई थी-
देश में डॉक्टर्स डे पहली बार साल 1991 में बनाया गया था. प्रसिद्ध चिकित्सक शिक्षाविद और बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ बीसी रॉय (Dr. Bidhan Chandra Roy) के सम्मान में 1 जुलाई 1991 में डॉक्टर्स डे की शुरुआत हुई और तब से ये हर साल इसी दिन बनाया जाता है. बता दें कि डॉ बीसी रॉय का जन्म 1 जुलाई 1882 को बिहार के पटना में हुआ था और 1 जुलाई 1962 में इनका निधन हो गया था.
डॉक्टर के सम्मान में हर साल राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस पर एक थीम रखी जाती है. ऐसे में इस साल की थीम 'सेलिब्रिटी रेजिलिएंस एंड हीलिंग हैंड्स' (Celebrating Resilience and Healing Hands) रखी गई है.
नेशनल डॉक्टर्स डे पर डॉक्टर्स के काम की सहारना की जाती है. उन्हें धन्यवाद और सम्मान दिया जाता है कि कैसे वह दिन-रात मेहनत कर लोगों को बचाते हैं. एक बच्चे के जन्म से लेकर उसकी मृत्यु तक डॉक्टर्स की भूमिका बहुत ही खास होती है. लोगों को इस बात से जागरूक करने के लिए डॉक्टर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है.