PM Modi Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2026 को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं. 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन कई दशकों में संगठन, राजनीति और शासन के अलग-अलग पड़ावों से होकर गुजरा है. वे स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं. जून 2024 में उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी.
पीएम मोदी की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत सीधे सत्ता के गलियारों से नहीं हुई. गुजरात के वडनगर में एक सामान्य परिवार में जन्म लेने के बाद उन्होंने शुरुआती जीवन में परिवार की चाय की दुकान पर भी काम किया. आगे चलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े, भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारियां और फिर गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 वर्षों का कार्यकाल उनके राजनीतिक सफर के प्रमुख पड़ाव बने.
वडनगर में बीता बचपन और शुरुआती संघर्ष
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में दामोदरदास मोदी और हीराबा मोदी के घर हुआ था. प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी के मुताबिक, वे परिवार में तीसरे बच्चे थे. उनका परिवार सीमित साधनों में रहता था और नरेंद्र मोदी पढ़ाई के साथ परिवार की चाय की दुकान पर भी हाथ बंटाते थे.
स्कूली दिनों में उनकी रुचि वाद-विवाद, किताबें पढ़ने और अन्य गतिविधियों में थी. प्रधानमंत्री कार्यालय की जीवनी में उनके स्कूल के साथियों के हवाले से उन्हें मेहनती और पढ़ने में रुचि रखने वाला छात्र बताया गया है. कम उम्र में ही स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी उनके जीवन पर प्रभाव पड़ा.
RSS से जुड़ाव और संगठन की राजनीति
किशोरावस्था के बाद नरेंद्र मोदी ने देशभर की यात्रा की और बाद में अहमदाबाद पहुंचकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े. आधिकारिक जीवनी के अनुसार, 1972 से उन्होंने संघ के प्रचारक के तौर पर काम किया. इसी दौर में संगठन के स्तर पर उनकी जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और उन्होंने लंबे समय तक संघ के साथ काम किया.
साल 1987 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात में भारतीय जनता पार्टी के साथ संगठनात्मक भूमिका में काम शुरू किया. इसके बाद पार्टी में उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ीं. 1995 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया और बाद में वे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी तक पहुंचे. संगठनात्मक चुनावी रणनीति और पार्टी विस्तार में उनकी भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में पहचान दिलाई.
गुजरात के मुख्यमंत्री से दिल्ली तक का सफर
साल 2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली. प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी के मुताबिक, उन्होंने करीब 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया. इसके बाद 2014 में भाजपा के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव अभियान के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने.
2019 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद 2024 के संसदीय चुनावों के बाद 9 जून 2024 को नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली.
पढ़ाई में राजनीति विज्ञान, शासन में भी दिलचस्पी
नरेंद्र मोदी ने राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की है. प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की. उनकी आधिकारिक जीवनी में शिक्षा, पढ़ने और पुस्तकों में उनकी रुचि का भी उल्लेख मिलता है.
जनता से संवाद के लिए अलग अंदाज
प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने जनता से संवाद के लिए पारंपरिक माध्यमों के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया है. 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम और 'परीक्षा पे चर्चा' जैसे कार्यक्रम उनके सार्वजनिक संवाद का हिस्सा रहे हैं. इसके अलावा वे सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय रहे हैं.
स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले पहले प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था, यानी भारत की आजादी के तीन साल बाद. इसी वजह से वे स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं. 2026 में अपने 76वें जन्मदिन के साथ उनका जन्मदिन एक बार फिर राजनीतिक जीवन के लंबे सफर और वडनगर से प्रधानमंत्री कार्यालय तक की यात्रा के संदर्भ में चर्चा में रहेगा.
नरेंद्र मोदी के जीवन की कहानी में वडनगर का शुरुआती दौर, संघ में संगठनात्मक काम, भाजपा में लंबी राजनीतिक पारी, गुजरात का मुख्यमंत्री पद और फिर प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीन कार्यकाल शामिल हैं. यही अलग-अलग पड़ाव उनके सार्वजनिक जीवन की पूरी तस्वीर सामने रखते हैं.
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