नकली अफसर, फर्जी केस, धमकी की स्क्रिप्ट... पहलगाम आतंकी हमले के नाम पर बुजुर्ग से ठग लिए 70 लाख रुपये

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से एक गंभीर साइबर फ्रॉड की खबर सामने आई है. यहाँ एक वरिष्ठ नागरिक, जो कि आदित्य बिड़ला ग्रुप के पूर्व प्रबंध निदेशक हैं, को ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर 70 लाख रुपए ठग लिए.

Mumbai digital arrest scam Rs 70 lakh cheated from Aditya Birla Group s former MD
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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से एक गंभीर साइबर फ्रॉड की खबर सामने आई है. यहाँ एक वरिष्ठ नागरिक, जो कि आदित्य बिड़ला ग्रुप के पूर्व प्रबंध निदेशक हैं, को ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर 70 लाख रुपए ठग लिए. पीड़ित को बताया गया कि उनका नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच में आया है, जिससे वह पूरी तरह मानसिक दबाव में आ गए. इस मामले की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने त्वरित जांच शुरू कर दी है.

ठगी की साजिश कैसे बनी?

पेरेल इलाके में रहने वाले पीड़ित के मोबाइल पर एक महिला ने कॉल करके खुद को दिल्ली एटीएस कंट्रोल रूम अधिकारी बताया. महिला ने धमकी दी कि उनके खिलाफ आतंकवादी हमले की जांच चल रही है. इसके बाद वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति पुलिस वर्दी में नजर आया, जिसने खुद को आईजी प्रेम कुमार गौतम बताया. इस व्यक्ति ने गिरफ्तारी, बैंक खाते फ्रीज करने और पासपोर्ट जब्त करने की धमकी देते हुए पीड़ित को मानसिक रूप से दबाव में ले लिया.

70 लाख की ठगी का तंत्र

डर और दबाव के कारण पीड़ित ने अपनी सभी वित्तीय जानकारियाँ जैसे आय, बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और शेयर निवेश की डिटेल्स ठगों को दे दीं. ठगों ने आरबीआई के नाम पर फर्जी नियम बताकर पैसे को 'व्हाइट मनी' में बदलने का झांसा दिया और 70 लाख रुपए तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए. यकीन दिलाने के लिए उन्होंने व्हाट्सऐप पर नकली आरबीआई की रसीद भी भेजी.

शक होने पर दर्ज हुई शिकायत

ठगों ने पीड़ित को लगातार निगरानी में रखा और किसी से बात न करने की चेतावनी दी. जब उनसे एक करोड़ रुपए और मांग लिए गए, तो पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने 28 सितंबर को आर.के. मार्ग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मुंबई साइबर क्राइम सेल ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने ठगों द्वारा भेजी गई व्हाट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और बैंक ट्रांजेक्शन के सभी सबूत जब्त कर लिए हैं. अधिकारी अब डिजिटल ट्रेल्स और बैंक खातों की पड़ताल कर आरोपी ठगों का पता लगाने की कोशिश में जुटे हैं.

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