BRICS Summit 2026: दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शनिवार को अहम द्विपक्षीय बैठक हुई. करीब 50 मिनट चली इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों में हाल के सुधारों का स्वागत किया और रिश्तों को रणनीतिक और दीर्घकालिक सोच के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया. बैठक में सीमा विवाद, शांति, व्यापार, आर्थिक सहयोग और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
मतभेद विवाद में न बदलें- मोदी ने दिया स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और चीन के बीच मौजूद मतभेदों को विवाद का रूप नहीं लेने देना चाहिए. उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए पारस्परिक सम्मान, पारस्परिक संवेदनशीलता और पारस्परिक हित को अहम मार्गदर्शक सिद्धांत बताया. मोदी का जोर इस बात पर रहा कि दोनों देश अपने मतभेदों को संभालते हुए सहयोग के क्षेत्रों को आगे बढ़ाएं.
LAC पर शांति और स्थिरता को बताया जरूरी
बैठक में सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता को भारत-चीन संबंधों की मजबूत बुनियाद बताया गया. दोनों पक्षों ने सीमा से जुड़े मौजूदा समझौतों और सहमतियों का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया. साथ ही, सीमा विवाद के ऐसे समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई गई, जो निष्पक्ष, उचित और दोनों देशों के लिए स्वीकार्य हो.
व्यापार और आर्थिक सहयोग पर भी फोकस
मोदी और जिनपिंग ने आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की. दोनों नेताओं ने व्यापार असंतुलन, सप्लाई चेन और बाजार तक बेहतर एवं भरोसेमंद पहुंच से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की जरूरत पर सहमति जताई. इसके अलावा लोगों के बीच संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और बिजनेस लिंक को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया.
वैश्विक मुद्दों पर साथ काम करने की कोशिश
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आपसी सहमति का दायरा बढ़ाने और साझा चुनौतियों का मिलकर सामना करने पर भी चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की BRICS अध्यक्षता को चीन के समर्थन और 2026 BRICS शिखर सम्मेलन को सफल बनाने में चीन के योगदान के लिए शी जिनपिंग का आभार जताया.
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