AI से लेकर UPI तक.... भारत-इजरायल के बीच हुए 27 बड़े समझौते, किसे कितना होगा फायदा?

भारत और इजरायल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय राजकीय दौरे के बाद कई अहम फैसलों का ऐलान किया गया.

27 big agreements signed between India and Israel AI To UPI
Image Source: ANI

भारत और इजरायल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय राजकीय दौरे के बाद कई अहम फैसलों का ऐलान किया गया. दोनों देशों ने कुल 27 नतीजों की जानकारी साझा की, जिनमें 17 समझौते (MoU) और 10 महत्वपूर्ण घोषणाएं शामिल हैं. इनका उद्देश्य रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और लोगों से जुड़े क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करना है.

इन समझौतों के तहत जियोफिजिकल एक्सप्लोरेशन, संस्कृति, डिजिटल पेमेंट, कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फाइनेंशियल रेगुलेशन, फिशरीज, शिक्षा, लेबर मोबिलिटी, आर्बिट्रेशन, एकेडमिक सहयोग और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार दिया जाएगा. जियोफिजिकल एक्सप्लोरेशन से जुड़े समझौते के जरिए एडवांस टेक्नोलॉजी और AI का उपयोग कर खनिज संसाधनों की खोज को बढ़ावा देने, डेटा साझा करने और निवेश आकर्षित करने पर जोर रहेगा.

सांस्कृतिक और विरासत सहयोग को बढ़ावा

गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) के विकास के लिए भी दोनों देशों के बीच समझौता हुआ है. इसके तहत प्रदर्शनी, रिसर्च और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के जरिए साझा समुद्री विरासत को संरक्षित और प्रचारित किया जाएगा. इसके अलावा 2026 से 2029 तक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत संगीत, नृत्य, थिएटर और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा.

डिजिटल पेमेंट और रेमिटेंस होंगे आसान

डिजिटल सहयोग के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए NPCI International और इजरायल की MASAV के बीच समझौता हुआ है. इसके जरिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस को आसान और तेज बनाया जाएगा.

कृषि और फिशरीज में नई पहल

कृषि क्षेत्र में Indian Council of Agricultural Research और इजरायल की MASHAV के बीच समझौते के तहत इंडिया-इजराइल इनोवेशन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर की स्थापना की जाएगी. यह केंद्र प्रिसिजन फार्मिंग, सैटेलाइट आधारित सिंचाई, आधुनिक मशीनरी, कीट प्रबंधन और फसल कटाई के बाद के समाधान पर काम करेगा.

फिशरीज और एक्वाकल्चर के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने मिलकर सस्टेनेबल और तकनीक आधारित समाधान विकसित करने पर सहमति जताई है. इसमें समुद्री खेती, सीवीड कल्चर और रोग प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों पर फोकस रहेगा.

फाइनेंशियल सेक्टर और AI में सहयोग

फाइनेंशियल सेक्टर में International Financial Services Centres Authority और इजरायल सिक्योरिटीज अथॉरिटी के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा, जिससे फिनटेक और रेगटेक के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी.

शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी समझौता किया गया है. इसके तहत AI आधारित शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, रिसर्च और समान अवसरों पर जोर दिया जाएगा.

एकेडमिक और साइबर सिक्योरिटी में साझेदारी

Nalanda University और Hebrew University of Jerusalem के बीच समझौते के जरिए बौद्ध अध्ययन, पुरातत्व, गणित और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे विषयों में छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज को बढ़ावा मिलेगा.

इसके अलावा भारत में इंडो-इजराइल साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं, जिससे साइबर सुरक्षा और डिजिटल मजबूती को बढ़ाया जा सके.

रणनीतिक स्तर पर भी हुए बड़े ऐलान

समझौतों के अलावा दोनों देशों ने अपने रिश्तों को “स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” तक ले जाने की घोषणा की है. विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़ी संयुक्त समिति को मंत्री स्तर तक अपग्रेड किया गया है, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के नेतृत्व में उभरती तकनीकों पर नई पहल शुरू की गई है.

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाओं में फाइनेंशियल डायलॉग, टेक-गेटवे पहल, कृषि अनुसंधान में 20 संयुक्त फेलोशिप, रिसर्च प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ी हुई फंडिंग और अगले पांच वर्षों में 50,000 भारतीय कामगारों के लिए अवसर शामिल हैं. साथ ही इंडिया-इजराइल एकेडमिक कोऑपरेशन फोरम और पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप बनाने का भी ऐलान किया गया है.

ये भी पढें- T20 World Cup: अगर रद्द हुआ भारत-वेस्टइंडीज मैच, तो किसे मिलेगी सेमीफाइनल में एंट्री? जानें नियम