गोवा: देश की रक्षा में दिन-रात डटे रहने वाले जवानों के साथ हर साल दिवाली मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार INS विक्रांत पर नौसेना के वीर सपूतों के बीच दिवाली का त्योहार मनाया. यह पहली बार है जब किसी प्रधानमंत्री ने स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत पर जाकर दिवाली का पर्व सैनिकों के साथ मनाया.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सेना के तीनों अंगों थलसेना, वायुसेना और नौसेना के समन्वय और सामर्थ्य की सराहना करते हुए कहा कि जब देश की सेनाएं एक साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ती हैं, तो दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ता है.
INS विक्रांत: आत्मनिर्भर भारत की शक्ति
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने INS विक्रांत को भारत की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा, "INS विक्रांत सिर्फ एक युद्धपोत नहीं है, यह 21वीं सदी के भारत की मेहनत, संकल्प और तकनीकी प्रगति का उदाहरण है. यह समुद्र में भारत की उपस्थिति को मजबूती देता है और यह संदेश देता है कि भारत अब किसी पर निर्भर नहीं, बल्कि खुद पर विश्वास करने वाला राष्ट्र है."
मोदी ने कहा कि जिस दिन INS विक्रांत नौसेना में शामिल हुआ था, उसी दिन भारतीय नौसेना ने गुलामी के प्रतीक पुराने ध्वज को हटाकर एक नया ध्वज अपनाया, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रेरणा से जुड़ा है. यह बदलाव भारत की मानसिकता में आए आत्मगौरव और स्वतंत्र सोच का संकेत है.
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने “ऑपरेशन सिंदूर” का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे भारतीय सेनाओं के आपसी तालमेल और जबरदस्त सैन्य कौशल ने पाकिस्तान को पीछे हटने पर मजबूर किया. उन्होंने कहा, "जिस सेना के पास अपने बलबूते लड़ने की ताकत हो, उसकी जीत सुनिश्चित होती है. ऑपरेशन सिंदूर में हमारे थल, वायु और नौसेना के समन्वय ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया. यह साबित करता है कि भारत की सेना आज दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक है."
हर 40 दिन में नौसेना में जुड़ रहा एक स्वदेशी युद्धपोत
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी सैन्य निर्माण की दिशा में हो रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा, "आज हमारी क्षमता इतनी बढ़ चुकी है कि औसतन हर 40 दिन में एक नया स्वदेशी युद्धपोत या पनडुब्बी भारतीय नौसेना में शामिल हो रही है. यह भारत की रक्षा उत्पादन क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव का संकेत है."
उन्होंने आगे कहा कि भारत अब सिर्फ अपनी जरूरतों के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों को भी हथियार और रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है. भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट बीते वर्षों में 30 गुना बढ़ चुका है.
ब्रह्मोस और आकाश ने बढ़ाया भारत का सम्मान
मोदी ने देश में विकसित मिसाइल सिस्टम का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलें अब दुनियाभर में अपनी क्षमता का लोहा मनवा रही हैं. उन्होंने कहा, “आज जैसे ही ब्रह्मोस का नाम आता है, दुनिया के कई देशों की नजरें हमारी ओर मुड़ जाती हैं. ये मिसाइलें अब हमारे लिए सिर्फ सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि वैश्विक डिफेंस मार्केट में भारत की पहचान बन गई हैं. कई देश इन मिसाइलों को खरीदने की इच्छा जता चुके हैं.”
मुझे अपनों के बीच दिवाली मनाने की आदत
प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिकों के साथ त्योहार मनाने की अपनी भावना को साझा करते हुए कहा, "दिवाली का पर्व हर किसी को अपने परिवार के साथ मनाने की इच्छा होती है. मुझे भी अपनों के साथ दिवाली मनाने की आदत है, और मेरे अपने आप लोग हैं- हमारे जवान. जब भी आपके बीच आता हूं, लगता है जैसे परिवार में लौट आया हूं."
उन्होंने INS विक्रांत की सराहना करते हुए कहा, "जिसका नाम ही दुश्मनों का चैन छीन ले, वो है विक्रांत. पाकिस्तान की नींद उड़ा देने वाला, भारत की शक्ति का प्रतीक, और आत्मनिर्भर भारत की पहचान- यही है INS विक्रांत."
मोदी की जवानों के साथ दिवाली परंपरा
प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी हर साल दिवाली पर सीमाओं पर तैनात सैनिकों या सैन्य ठिकानों पर जाकर जवानों के साथ त्योहार मनाते रहे हैं. यह परंपरा उन्होंने 2014 में सियाचिन ग्लेशियर से शुरू की थी, और तब से यह भारत के सैनिकों के लिए एक मनौबल बढ़ाने वाला पर्व बन चुका है.
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